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नेपाल में तबाही के बीच भारत बना संकटमोचक, भेजी 10 टन राहत सामग्री, IAF के कई विमान तैयार,105 भारतीय लापता
नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए 10 टन HADR राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजी हैं।
Nepal Flash Flood: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए अपना राहत अभियान तेज कर दिया है। भारत ने नेपाल के लिए 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री के साथ जरूरी दवाइयां भेजी हैं। इस बीच बाढ़ से मरने वालों की संख्या 95 तक पहुंच गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई। कई बस्तियां प्रभावित हुई हैं और बड़ी संख्या में लोगों की तलाश की जा रही है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है।
'मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है भारत'
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल में आई आपदा पर दुख जताते हुए कहा कि भारत इस संकट की घड़ी में नेपाल और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने इस आपदा में अपने लोगों को खोया है। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल में राहत और बचाव अभियान को समर्थन देने के लिए भारत की ओर से 10 टन HADR सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं।
भारत की इस सहायता का मकसद नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों को जरूरी सामान उपलब्ध कराना है। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का काम भी जारी है।
IAF के C-17, C-130J और C-295 विमान तैयार
नेपाल में राहत अभियान को और मजबूत करने के लिए भारतीय वायुसेना भी पूरी तरह तैयार है। रिपोर्ट के मुताबिक, IAF ने अपने परिवहन विमानों को संभावित राहत अभियान के लिए स्टैंडबाय पर रखा है। इनमें C-17, C-130J और C-295 जैसे बड़े परिवहन विमान शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, C-130J विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना होने की तैयारी में है। इन विमानों की मदद से जरूरत पड़ने पर बड़ी मात्रा में राहत सामग्री, दवाइयां और दूसरे जरूरी सामान को कम समय में प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जा सकता है।
बाढ़ के बाद 105 भारतीयों के लापता होने की खबर
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाके में करीब 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिली है। हालांकि, पर्यटन बोर्ड ने साफ किया है कि यह शुरुआती जानकारी है। ये आंकड़े पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिली एजेंसी-वार जानकारी पर आधारित हैं और आगे की जांच में इनमें बदलाव हो सकता है। नेपाल और भारत की एजेंसियां लगातार लापता लोगों की जानकारी जुटा रही हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चला रही हैं।
पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुधवार को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। उन्होंने बाढ़ में हुई जनहानि पर दुख जताया और नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है।
उन्होंने नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की टीमें राहत और बचाव कार्यों को लेकर लगातार संपर्क में हैं। भारत की ओर से राहत सामग्री भेजने के साथ जरूरत के मुताबिक आगे भी मदद जारी रखने की तैयारी है।
भारतीय दूतावास भी लगातार कर रहा संपर्क
नेपाल में भारतीय दूतावास ने भी प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क तेज कर दिया है। दूतावास ने बताया कि वह नेपाल सरकार की संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर भारतीय नागरिकों के जल्द से जल्द बचाव और राहत के लिए काम कर रहा है।
दूतावास ने प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
आपातकालीन नंबर:
- +977 985 131 6807
- +977 970 910 7500
- +977 981 032 6117
इन नंबरों पर नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों या उनके परिवारों से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है।
लगातार जारी है राहत और बचाव अभियान
भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ के बाद राहत और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं। भारत ने भी नेपाल को तत्काल सहायता उपलब्ध कराकर यह संकेत दिया है कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में दोनों पड़ोसी देश एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।


