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Trade Deal फाइनल...इस दिन US जाएगी भारतीय टीम, भारत-अमेरिका के बीच होगी ‘महाडील’, दुनिया में हलचल
India US Interim Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करेंगे।
India US Interim Trade Deal
India US Interim Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करेंगे। उनका उद्देश्य 7 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका संयुक्त बयान के आधार पर तैयार किए गए अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है। यह जानकारी वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी।
राजेश अग्रवाल के अनुसार, 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान दरअसल उस व्यापक फ्रेमवर्क डील का हिस्सा था, जिस पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी। उस बयान में समझौते की रूपरेखा तय की गई थी और अब उसी ढांचे को एक औपचारिक कानूनी दस्तावेज में बदला जा रहा है, जिस पर दोनों देश हस्ताक्षर करेंगे। फिलहाल दोनों पक्षों की टीमें कानूनी बिंदुओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। कोशिश है कि मार्च तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, हालांकि कुछ कानूनी पहलुओं पर अभी चर्चा जारी है।
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ में कटौती भी इस समझौते का अहम हिस्सा है। अग्रवाल ने बताया कि 27 अगस्त से लागू 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ, जो रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण लगाया गया था, हटा लिया गया है। अब अमेरिका 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी में है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पर अंतिम निर्णय इसी सप्ताह हो सकता है। यदि किसी कारणवश देरी होती है, तो भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका में इस मुद्दे को स्पष्ट करेगा।
वाणिज्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को पूरी तरह समाप्त कर ‘जीरो टैरिफ’ किया जा सकता है, लेकिन यह तभी लागू होगा जब दोनों देश औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगे। इसी तरह भारत की ओर से भी बाजार तक अधिक पहुंच या टैरिफ में किसी तरह की रियायत समझौते के औपचारिक होने के बाद ही प्रभावी होगी।
7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान में अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने, चुनिंदा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी लागू करने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की बात कही गई थी। करीब एक साल चली बातचीत के बाद यह सहमति बनी है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ऐतिहासिक और संतुलित कदम बताते हुए कहा था कि इससे 30 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय निर्यात के लिए नए अवसर खुलेंगे, जिससे एमएसएमई, किसान, मछुआरे, युवा और महिला उद्यमियों को विशेष लाभ मिलेगा।


