भारत के पड़ोस में मिला बेशकीमती खजाना... निकला 11,000 कैरेट का रूबी, चमक देख चौंधिया जाएंगी आंखें

Myanmar Ruby Discovery: गृहयुद्ध जैसे हालात के बीच म्यांमार में 11 हजार कैरेट का विशाल रूबी मिला है, जिसे दुनिया के सबसे दुर्लभ रत्नों में माना जा रहा है।

Akriti Pandey
Published on: 9 May 2026 4:37 PM IST
Myanmar Ruby Discovery
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Myanmar Ruby Discovery

Myanmar Ruby Discovery: Myanmar इस समय गंभीर राजनीतिक और सैन्य संघर्ष से गुजर रहा है। देश के कई हिस्सों में लगातार हिंसा और गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच म्यांमार से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। देश के प्रसिद्ध मोगोक क्षेत्र में खनन के दौरान एक विशाल रूबी यानी लाल हीरा मिला है, जिसे अब तक मिले सबसे बड़े और दुर्लभ रत्नों में गिना जा रहा है।

11 हजार कैरेट का मिला दुर्लभ रूबी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोगोक इलाके में खनिकों को करीब 11,000 कैरेट का विशाल रूबी मिला है। इसका वजन लगभग 2.1 किलोग्राम बताया जा रहा है। विशेषज्ञ इसे म्यांमार में अब तक मिला दूसरा सबसे बड़ा रूबी मान रहे हैं। इसकी कीमत का अभी आधिकारिक आकलन नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि बिना कट और पॉलिश के ही इसकी कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है।

बताया जा रहा है कि इस रूबी का रंग बैंगनी-लाल है, जिसमें हल्का पीला टोन भी दिखाई देता है। इसकी चमक, पारदर्शिता और गुणवत्ता इसे बेहद खास बना रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पत्थर 1996 में मिले 21,450 कैरेट के रूबी से आकार में छोटा जरूर है, लेकिन गुणवत्ता के मामले में ज्यादा बेहतर माना जा रहा है।

नए साल के त्योहार के बाद हुई खोज

यह दुर्लभ खोज अप्रैल 2026 के मध्य में हुई, जब म्यांमार में पारंपरिक नए साल का त्योहार समाप्त हुआ था। मोगोक क्षेत्र को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रत्न क्षेत्रों में गिना जाता है और इसे म्यांमार के रत्न उद्योग का केंद्र माना जाता है।

दुनिया के 90 प्रतिशत रूबी म्यांमार से

म्यांमार को दुनिया का सबसे बड़ा रूबी उत्पादक देश माना जाता है। अनुमान है कि दुनिया के करीब 90 प्रतिशत रूबी यहीं से निकलते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय रत्न बाजार में म्यांमार का खास महत्व है। हालांकि, इस उद्योग को लेकर लंबे समय से विवाद भी होते रहे हैं। कई मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि रत्न कारोबार से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा सैन्य समूहों और हथियारबंद संगठनों तक पहुंचता है।

जिस इलाके से मिला रूबी, वहां जारी है संघर्ष

जिस मोगोक क्षेत्र से यह विशाल रूबी मिला है, वहां लंबे समय से सत्ता संघर्ष जारी है। साल 2024 में इस इलाके पर Ta'ang National Liberation Army (TNLA) ने कब्जा कर लिया था। बाद में चीन की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद यह इलाका फिर सेना के नियंत्रण में आया। म्यांमार के सैन्य प्रमुख Min Aung Hlaing ने राजधानी नेप्यीडॉ में इस रूबी को देखा। ऐसे में यह खोज सिर्फ एक अनमोल रत्न की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष और सत्ता की लड़ाई के बीच छिपे म्यांमार की जटिल स्थिति को भी दर्शाती है।

Akriti Pandey

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