पहली बार ईरान की 'हिट लिस्ट' आई सामने! निशाने पर नेतन्याहू, ट्रंप समेत 11 वर्ल्ड लीडर्स, हिल गई दुनिया

Iran Hit List 2026: ईरान से जुड़ी कथित 'हिट लिस्ट' में डोनाल्ड ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई वैश्विक नेताओं के नाम सामने आने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। जानिए पूरी रिपोर्ट, सूची में कौन-कौन शामिल हैं और इसका वैश्विक सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है।

Harsh Srivastava
Published on: 12 July 2026 5:56 PM IST (Updated on: 12 July 2026 5:57 PM IST)
पहली बार ईरान की हिट लिस्ट आई सामने! निशाने पर नेतन्याहू, ट्रंप समेत 11 वर्ल्ड लीडर्स, हिल गई दुनिया
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Iran Hit List 2026: ईरान ने अपने पूर्व सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए एक बेहद खतरनाक और आक्रामक कदम उठाया है। ईरान सरकार ने दुनिया के सबसे ताकतवर और बड़े नेताओं की एक खौफनाक 'हिट लिस्ट' जारी कर दी है। इस सनसनीखेज सूची के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। हालांकि, इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पहले नंबर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम शामिल नहीं है। ईरान ने अपनी इस टारगेट लिस्ट में पहले पायदान पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को रखा है। इसके साथ ही इस लिस्ट में इटली की खूबसूरत प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी का नाम भी शामिल है।

कैदी के कपड़ों में बड़े नेता

ईरान के सरकारी अखबार 'हमशहरी' ने अपने मुख्य पन्ने (फ्रंट पेज) पर दुनिया के 11 सबसे बड़े और शक्तिशाली नेताओं की तस्वीरें छापकर इस बात का खुलासा किया है। अखबार ने बेहद हिंसक और आक्रामक रुख अपनाते हुए इन सभी ग्लोबल लीडर्स की तस्वीरों को किसी जेल के कैदी की पोशाक में दिखाया है। अखबार के पहले पन्ने पर बड़े और डरावने अक्षरों में एक खुला अल्टीमेटम भी लिखा गया है, जिसमें साफ तौर पर दर्ज है कि 'बदला तय है'। इस भड़काऊ लिस्ट के बाहर आते ही वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।


लिस्ट में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष

इस हाई-प्रोफाइल हिट लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू के अलावा कई अन्य यूरोपीय देशों के मुखिया भी शामिल हैं। ईरान के निशाने पर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वहां के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी हैं। इनके अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के नामों को भी इस लिस्ट में शामिल कर मौत का फरमान सुनाया गया है।

खामेनेई की मौत का विलेन माना

ईरान के इस सरकारी अखबार ने साफ शब्दों में कहा है कि इजरायल, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के ये सभी शीर्ष नेता सीधे तौर पर उनके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के मुख्य गुनहगार और जिम्मेदार हैं। ईरान ने इन यूरोपीय देशों पर गंभीर आरोप लगाया है कि जब युद्ध के दौरान ईरान के ठिकानों पर हमले हो रहे थे, तब ये देश चुप्पी साधे बैठे थे। ईरान का दावा है कि इन देशों ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की खुली छूट दी थी, जिससे ईरान पर हमले करना आसान हो गया।

मोजतबा खामेनेई भी हुए घायल

इस बड़े घटनाक्रम के बीच यह भी खबर आ रही है कि जब पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई पर हमला हुआ था, तब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई भी उस हमले की चपेट में आ गए थे। खबरों के मुताबिक, मोजतबा उस घातक हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और जंग शुरू होने के बाद से ही उन्हें किसी भी सार्वजनिक मंच या आम जनता के बीच नहीं देखा गया है।

वैश्विक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

ईरान की तरफ से खुलेआम 11 बड़े नेताओं को निशाना बनाए जाने की इस घोषणा के बाद से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल समेत सभी संबंधित देशों की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इन सभी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कई गुना ज्यादा कड़ा और अभेद्य कर दिया गया है, ताकि किसी भी अनहोनी या खुफिया हमले को समय रहते नाकाम किया जा सके। अब देखना यह है कि इस गंभीर धमकी का वैश्विक स्तर पर क्या असर पड़ता है।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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