US Iran Conflicts: पाकिस्तान कर रहा मध्यस्थता, लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं: इस्माइल बाघेई

US Iran Conflicts: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि पाकिस्तान के जरिए ईरान-अमेरिका वार्ता जारी है, लेकिन तेहरान को वॉशिंगटन पर भरोसा नहीं है।

Newstrack/IANS
Published on: 21 May 2026 10:23 AM IST
Iran US Talks
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US Iran Conflicts: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान पाकिस्तान के जरिए लगातार जारी है और तेहरान अमेरिका के ताजा रुख की समीक्षा कर रहा है। सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी टीवी को दिए इंटरव्यू में बाघेई ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई बार संदेश भेजे और प्राप्त किए गए हैं। ईरान हर मोर्चे पर युद्ध खत्म करने पर ध्यान दे रहा है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। इसके लिए ईरान की कुछ साफ मांगें हैं, जैसे ईरान की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज करना और ईरानी जहाजों के खिलाफ अमेरिका की 'समुद्री लूट' और दुश्मनी भरी कार्रवाइयों को रोकना।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने कूटनीतिक प्रक्रिया में ईमानदारी और गंभीरता के साथ हिस्सा लिया है, लेकिन पिछले 18 महीनों के 'बहुत खराब' रिकॉर्ड की वजह से उसे वॉशिंगटन पर गहरा अविश्वास है। उन्होंने कहा कि ईरान, ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्‍ट्रेट में 'स्थायी सुरक्षा' सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनाना चाहता है। साथ ही, ईरान इस अहम समुद्री रास्ते में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए दूसरे तटीय देशों के साथ मिलकर नियम और प्रोटोकॉल बनाने को भी तैयार है।

ईरानी वार्ता टीम के करीबी सूत्र के हवाले से अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बताया कि ईरान की ओर से तीन दिन पहले 14-सूत्रीय प्रस्ताव देने के बाद अमेरिका ने तेहरान को एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव भेजा है। समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के मुताबिक, मध्यस्थ इस समय तेहरान में मौजूद है और दोनों पक्षों के मसौदों को करीब लाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि अभी तक कुछ भी अंतिम रूप नहीं लिया गया है।

बुधवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 'एक्‍स' पर लिखा कि ईरान ने हमेशा अपने वादों का पालन किया है और युद्ध टालने की कोशिश की है। हमारी तरफ से सभी रास्ते अब भी खुले हैं। दबाव डालकर ईरान को झुकाने की कोशिश सिर्फ एक भ्रम है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच आठ अप्रैल को युद्धविराम हुआ था। इससे पहले 40 दिनों तक संघर्ष चला, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को तेहरान और ईरान के दूसरे शहरों पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से हुई थी।

युद्धविराम के बाद ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों ने 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्‍लामाबाद में बातचीत की थी, लेकिन उससे कोई समझौता नहीं हो सका। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्‍ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत कर दी थी और इजरायल तथा अमेरिका से जुड़े जहाजों के गुजरने पर रोक लगा दी थी। इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने इस जलमार्ग पर नौसैनिक नाकेबंदी कर दी, जिससे ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई।

Vineeta Pandey

Vineeta Pandey

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