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'मुझसे चूक हुई, सैनिक मारे गए...', ईरान युद्ध में अमेरिकी मंत्री ने मांगी माफी, ट्रंप ने भी दी सफाई
Iran War: हॉवर्ड लुटनिक ने ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत को लेकर दिए गलत बयान पर माफी मांगी। ट्रंप ने भी कहा- ईरान में 18 लोग मारे गए।
Iran War: अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत को लेकर दिए अपने गलत बयान पर माफी मांगी है। लुटनिक ने एक दिन पहले एक टीवी इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान के खिलाफ युद्ध में किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी की मौत नहीं हुई है। बाद में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए शहीद सैनिकों के परिवारों से माफी मांगी।
लुटनिक ने 2 सितंबर को CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिस तरह ईरान से निपट रहे हैं, उसमें किसी अमेरिकी की जान नहीं गई है। उन्होंने इसे मुख्य रूप से आर्थिक दबाव की रणनीति बताया था।
हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग के युद्ध हताहत डेटाबेस के मुताबिक, 28 फरवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद से 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई है और 750 से अधिक घायल हुए हैं।
वेनेजुएला ऑपरेशन को लेकर हुई थी गलतफहमी
लुटनिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई देते हुए कहा कि बयान देते समय उनके दिमाग में जनवरी में हुआ अमेरिकी सैन्य अभियान था, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की कार्रवाई की गई थी। उस ऑपरेशन में सात अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई थी।
लुटनिक ने लिखा, “मुझसे चूक हुई। हमारे 18 सैन्यकर्मी मारे गए हैं। उन परिवारों के लिए मेरा दिल दुखता है और उनके नुकसान के लिए मैं बेहद माफी चाहता हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि 9/11 की 25वीं बरसी के मौके पर वह अमेरिकी सेना और देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
ट्रंप ने भी दी प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा कि लुटनिक के दिमाग में वेनेजुएला का सैन्य अभियान था, इसलिए उन्होंने यह कह दिया कि किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि “ईरान में 18 लोग मारे गए!”
लुटनिक की यह गलती ऐसे समय सामने आई है जब ईरान युद्ध में अमेरिकी सैन्य नुकसान और ट्रंप प्रशासन की रणनीति को लेकर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।


