नेतन्याहू का अगला टारगेट पाकिस्तान? खतरे में 'इस्लामी दुनिया' का इकलौता परमाणु देश, इजरायल-ईरान की आग इस्लामाबाद तक

Israel Pakistan Conflict: ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान में आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में इजरायल का अगला निशाना वह भी बन सकता है।

Akriti Pandey
Published on: 15 March 2026 10:49 AM IST (Updated on: 15 March 2026 10:49 AM IST)
Israel Pakistan Conflict
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Israel Pakistan Conflict: पश्चिम एशिया इस समय गंभीर तनाव और संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। इसके साथ ही इजरायल लेबनान और गाजा में भी लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है। इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान में एक नई चिंता उभर रही है- क्या ईरान के बाद इजरायल का अगला निशाना पाकिस्तान हो सकता है? पाकिस्तान में कई राजनीतिक नेता और रणनीतिक विश्लेषक पहले भी यह आशंका जताते रहे हैं कि इजरायल की नजर उनके देश पर है। उनका मानना है कि क्षेत्रीय राजनीति और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के कारण भविष्य में पाकिस्तान भी किसी प्रकार के दबाव या टकराव का सामना कर सकता है।

विशेषज्ञों की राय क्या कहती है

दक्षिण एशिया के शोधकर्ता अल्ताफ परवेज ने अपने एक लेख में लिखा है कि ईरान के बाद पाकिस्तान पर इजरायली हमले की बात फिलहाल अजीब लग सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता। उनके अनुसार संयुक्त राष्ट्र और इस्लामिक सहयोग संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की कमजोर होती भूमिका तथा क्षेत्रीय राजनीति में नए गठजोड़ पाकिस्तान के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान में किसी तरह की राजनीतिक या रणनीतिक बदलाव की स्थिति बनती है, तो उसका असर पाकिस्तान की सुरक्षा और विदेश नीति पर भी पड़ सकता है।

पाकिस्तान के नेताओं की चिंता

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने हाल ही में कहा था कि यदि ईरान में इजरायल का प्रभाव बढ़ता है तो उसका असर पाकिस्तान तक भी पहुंच सकता है। उनका मानना है कि भविष्य में भारत और अफगानिस्तान के साथ मिलकर पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि यह सवाल भी उठता है कि इजरायल वास्तव में पाकिस्तान के लिए कितना बड़ा खतरा हो सकता है। पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है और उसके पास मजबूत सैन्य क्षमता भी है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव की संभावना फिलहाल कम मानी जाती है।

‘ग्रेटर इजरायल’ और क्षेत्रीय राजनीति

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल नहीं चाहता कि कोई सैन्य रूप से मजबूत मुस्लिम-बहुल देश उसके रणनीतिक हितों के खिलाफ खड़ा हो। इसी वजह से वह परमाणु हथियारों के प्रसार को लेकर खास तौर पर सतर्क रहता है। हालांकि पाकिस्तान और इजरायल के बीच लगभग 3000 किलोमीटर की दूरी है और दोनों देशों की सीधी सीमा भी नहीं लगती। इसलिए सीधा टकराव फिलहाल दूर की संभावना लगता है।

तुर्की और सऊदी अरब से बढ़ती नजदीकी

हाल के वर्षों में पाकिस्तान ने तुर्की और सऊदी अरब के साथ अपने सैन्य और रणनीतिक संबंध मजबूत किए हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर भविष्य में इस्लामी देशों का कोई मजबूत सैन्य गठजोड़ बनता है, तो वह इजरायल के लिए चुनौती बन सकता है। यही वजह है कि क्षेत्रीय राजनीति में इन संबंधों को भी खास नजर से देखा जा रहा है।

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Akriti Pandey

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Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

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