इटली में क्यों भड़की हिंसा? मिलान में तोड़फोड़-लूटपाट, भारतीय दूतावास ने जारी किया इमरजेंसी नंबर

Italy Protest Latest Update: इटली में महंगाई, कम वेतन और महंगे किराए के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हुए। मिलान समेत कई शहरों में झड़पें, भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी और इमरजेंसी नंबर जारी किए।

Alakha Singh
Published on: 19 Oct 2026 9:08 PM IST (Updated on: 19 Oct 2026 9:28 PM IST)
इटली में क्यों भड़की हिंसा? मिलान में तोड़फोड़-लूटपाट, भारतीय दूतावास ने जारी किया इमरजेंसी नंबर
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Italy Protest Latest Update: यूरोप में बढ़ती महंगाई और महंगे होते जीवन के बीच इटली में लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। कम वेतन, आसमान छूते किराए, महंगी ऊर्जा और कमजोर सार्वजनिक सेवाओं के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन मिलान समेत कई शहरों में हिंसक झड़पों में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों के शीशे तोड़े, आगजनी की और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रोम स्थित भारतीय दूतावास ने 19 अक्टूबर को इटली में रह रहे भारतीय नागरिकों और वहां पहुंचे पर्यटकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने लोगों से प्रदर्शन वाले इलाकों और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने, स्थानीय समाचारों पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। भारतीय नागरिकों की आपातकालीन मदद के लिए रोम और मिलान स्थित भारतीय मिशनों के संपर्क नंबर भी उपलब्ध हैं।

मिलान में सबसे ज्यादा तनाव, दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट

इटली में हिंसा का सबसे गंभीर असर मिलान में देखने को मिला। शहर के मशहूर पियाजा डेल डुओमो और कैथेड्रल के आसपास प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए। नकाबपोश प्रदर्शनकारियों के समूहों ने पुलिस पर पत्थर और दूसरी वस्तुएं फेंकीं, दुकानों के शीशे तोड़े और अस्थायी बैरिकेड्स में आग लगा दी। कुछ दुकानों में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आईं।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। हिंसा के कारण शहर के मध्य हिस्से में कारोबार प्रभावित हुआ और कई दुकानों को एहतियातन बंद करना पड़ा। पर्यटकों और आम लोगों को भी प्रभावित इलाकों से निकलना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, मिलान में झड़पों के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए।

रॉयटर्स की 19 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को मिलान में पुलिस ने 271 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें 23 नाबालिग और 13 विदेशी नागरिक शामिल थे। इनमें से 32 लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। यह आंकड़ा शुरुआती रिपोर्टों में सामने आए हिरासत के आंकड़ों से अधिक है।

बोलोन्या, ट्यूरिन समेत कई शहरों में हिंसा

प्रदर्शन केवल मिलान तक सीमित नहीं रहे। बोलोन्या, ट्यूरिन, ब्रेसिया और बर्गामो में भी आर्थिक संकट के खिलाफ रैलियां निकाली गईं। कुछ स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कई इलाकों में भीड़ के भीतर मौजूद समूहों और पुलिस के बीच टकराव हो गया।

बोलोन्या में रेलवे स्टेशन के आसपास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकीं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ट्यूरिन में भी सड़क पर रखे कूड़ेदानों और दुकानों के बाहर रखे फर्नीचर का इस्तेमाल बैरिकेड बनाने के लिए किया गया।

इटली की समाचार एजेंसी एएनएसए के मुताबिक, शनिवार को अलग-अलग शहरों में हुई हिंसा के सिलसिले में 197 लोगों की पहचान कर उन्हें पुलिस कार्यालयों तक ले जाया गया। 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 43 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। अलग-अलग शहरों के आंकड़े और बाद में हुई कार्रवाई के आंकड़े अलग हो सकते हैं।

आखिर क्यों भड़का इटली में लोगों का गुस्सा?

इटली में हालिया विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह जीवन-यापन की बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव है। आम लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों, मकान के किराए, ऊर्जा और परिवहन पर खर्च बढ़ रहा है, जबकि वेतन में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हो रही। बड़े शहरों में किफायती आवास की कमी और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष ने भी नाराजगी बढ़ाई है।

प्रदर्शनकारी बेहतर आर्थिक हालात, आम लोगों को राहत और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। इन मुद्दों ने छात्रों, युवाओं और कामकाजी लोगों के बीच असंतोष को बढ़ावा दिया है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हर प्रदर्शनकारी हिंसा में शामिल नहीं था। कई जगहों पर रैलियां शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुईं, लेकिन बाद में कुछ समूहों की गतिविधियों के कारण स्थिति बिगड़ गई। इटली की सरकार ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और हिंसा तथा लूटपाट के बीच अंतर करते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की निंदा की है।

PM मेलोनी ने हिंसा की निंदा की, आपात बैठक बुलाई

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसक घटनाओं की निंदा करते हुए पुलिस के प्रति समर्थन जताया है। सरकार के सामने एक ओर महंगाई और जीवन-यापन के खर्च को लेकर लोगों की नाराजगी दूर करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।


रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार ने सोमवार को स्थिति और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाई। ऐसे में आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर सरकार की रणनीति पर नजर रहेगी।

भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास की एडवाइजरी

इटली में जारी अशांति के बीच भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों, छात्रों, कामकाजी पेशेवरों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एडवाइजरी के अनुसार, भारतीय नागरिकों को उन स्थानों पर जाने से बचना चाहिए जहां प्रदर्शन हो रहे हों या बड़ी संख्या में लोग जमा हों। उन्हें स्थानीय समाचारों और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है।

दूतावास की सलाह है कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों को भी अपने गंतव्य और रास्ते की स्थिति की पहले से जानकारी लेनी चाहिए।

इटली में फंसे भारतीयों के लिए इमरजेंसी नंबर

इटली में किसी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक इन आधिकारिक संपर्क नंबरों पर मदद मांग सकते हैं:

भारतीय दूतावास, रोम: +39 331 614 2085

भारतीय महावाणिज्य दूतावास, मिलान: +39 388 164 7527

रोम स्थित भारतीय दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आपातकालीन संपर्क नंबर उपलब्ध है। इन नंबरों का इस्तेमाल आपात स्थिति में सहायता के लिए करें।

इटली में रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने परिवार के संपर्क में रहें, फोन चार्ज रखें, जरूरी पहचान-पत्र साथ रखें और विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें। हालात सामान्य होने तक सतर्कता बरतना और आधिकारिक निर्देशों का पालन करना सबसे जरूरी है।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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