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जापान में फिर कांपी धरती! 5.7 तीव्रता के भूकंप से कई लोग घायल, अगले हफ्ते भी खतरा बरकरार
Japan Earthquake : जापान में 5.7 तीव्रता के भूकंप से कई लोग घायल हो गए। दुकानों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक तेज झटकों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
Image Source – Social Media
Japan Earthquake : जापान में भूकंप के तेज झटकों ने एक बार फिर लोगों को दहशत में डाल दिया है। देर रात मध्य जापान में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के कारण कई दुकानों के शीशे टूट गए और सामान सड़कों पर बिखर गया। इस दौरान मची भगदड़ में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। हालात को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने अगले एक सप्ताह तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर अगले दो से तीन दिनों में तेज झटके आने की आशंका जताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में भूकंप रविवार तड़के करीब 1 बजकर 4 मिनट पर आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने इसकी तीव्रता 5.7 बताई, जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी तीव्रता 5.5 दर्ज की। भूकंप का केंद्र शिजुओका प्रांत में जमीन से करीब 40 किलोमीटर नीचे था।
कई लोग घायल, दुकानों के टूटे शीशे
भूकंप के झटकों से मध्य जापान के कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इनमें कुछ लोग भूकंप के दौरान घबराकर बाहर निकलने की कोशिश में सीढ़ियों से गिर गए। जापानी टीवी चैनलों पर दिखाए गए फुटेज में दुकानों के टूटे शीशे और सड़कों पर बिखरे कांच के टुकड़े नजर आए। एक किताब की दुकान में अलमारियों से किताबें गिरकर जमीन पर बिखर गईं। भूकंप का असर आइची, शिजुओका, गिफू, नागानो और आसपास के इलाकों में महसूस किया गया। हमामात्सु के अलावा क्योटो और नारा तक झटके महसूस किए गए। हालांकि, टोक्यो में इस भूकंप का असर महसूस नहीं हुआ।
अगले एक हफ्ते तक भूकंप का खतरा
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने भूकंप के बाद लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। एजेंसी के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक इसी तरह के तेज झटके आने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। खासकर अगले दो से तीन दिनों में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। एजेंसी ने लोगों को भूस्खलन, चट्टानों के गिरने और बारिश के कारण पैदा होने वाले अतिरिक्त खतरों को लेकर भी आगाह किया है। लोगों को जरूरी सामान तैयार रखने और सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अभी तक नानकाई ट्रफ क्षेत्र में किसी ऐसे बदलाव का पता नहीं चला है, जिससे किसी बड़े भूकंप की आशंका बढ़ने का संकेत मिले।
बुलेट ट्रेन की रफ्तार पर भी पड़ा असर
भूकंप के बाद जापान की हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन शिंकानसेन की सेवाओं पर भी असर पड़ा। प्रभावित इलाकों में एहतियात के तौर पर ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई, ताकि रेलवे ट्रैक और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जांच की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि तेज भूकंप के बाद रेलवे लाइनों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया।
जापान में क्यों आते हैं बार-बार भूकंप?
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। इसकी प्रमुख वजह देश का पैसिफिक रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित होना है। यह क्षेत्र कई टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं से घिरा हुआ है, जहां प्लेटों की हलचल के कारण बार-बार भूकंप आते हैं। जापान में भूकंप से निपटने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन प्रणाली मौजूद है। इसके बावजूद तेज झटके आने पर जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों में हालात पर नजर बनाए हुए है। लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।


