अब आसान नहीं होगा 'ऑपरेशन सिंदूर-2... पूर्व अमेरिकी राजदूत की चेतावनी, पाक-अमेरिका की 'दोस्ती' रोकेगी भारत के कदम?

US Pakistan Ties: अमेरिका के पूर्व राजदूत केनेथ जस्टर ने कहा कि पाकिस्तान-अमेरिका रिश्तों के चलते भविष्य में आतंकी हमलों पर भारत की प्रतिक्रिया सीमित हो सकती है।

Akriti Pandey
Published on: 24 April 2026 11:45 AM IST (Updated on: 24 April 2026 11:46 AM IST)
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US Pakistan Ties: भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत Kenneth Juster ने हाल ही में एक अहम बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और ट्रंप प्रशासन के बीच बेहतर होते रिश्ते भारत के लिए भविष्य में चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने Hudson Institute में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगर भविष्य में कोई बड़ा आतंकी हमला होता है, तो भारत के लिए “ऑपरेशन सिंदूर 2” जैसे कड़े कदम उठाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।

जस्टर के अनुसार, पाकिस्तान ने अमेरिकी प्रशासन के साथ अपने संबंध मजबूत किए हैं और अब वह अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका तक निभा रहा है। यह स्थिति भारत के लिए कई स्तरों पर चिंता का विषय हो सकती है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

भारत की संभावित प्रतिक्रिया पर सवाल

केनेथ जस्टर ने यह भी कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान के बेहतर संबंधों के कारण भारत भविष्य में किसी सीमा-पार आतंकी घटना के जवाब में संयमित प्रतिक्रिया दे सकता है। उन्होंने Pulwama Attack और Balakot Airstrike का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत ने कड़ा जवाब दिया था, लेकिन अब स्थिति अलग हो सकती है। उनका मानना है कि भारत को यह संदेह हो सकता है कि क्या अमेरिका पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के खिलाफ किसी सख्त कार्रवाई का समर्थन करेगा या नहीं। यह अनिश्चितता भारत की रणनीतिक योजना को प्रभावित कर सकती है।

QUAD में भारत की अहम भूमिका

इसी कार्यक्रम में अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री Kurt M. Campbell ने QUAD समूह में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। Quadrilateral Security Dialogue को मजबूत बनाने में भारत की पहल को उन्होंने निर्णायक बताया। कैंपबेल ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दौरान, जब Line of Actual Control पर तनाव था, तब अमेरिका ने भारत को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी और सहायता प्रदान की थी। यह सहयोग दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

अमेरिका-भारत संबंधों की जटिलता

कैंपबेल ने यह भी खुलासा किया कि राष्ट्रपति Joe Biden ने QUAD की लीडर-लेवल बैठक में भारत की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi को मनाने में काफी प्रयास किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि QUAD के पीछे असली नेतृत्व भारत का था, न कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया या जापान का। यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और उसकी कूटनीतिक ताकत को दर्शाता है।

Akriti Pandey

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