TRENDING TAGS :
"पाकिस्तान सिर्फ एक..., भारत हमारा भविष्य", ट्रंप की 'पाक-दोस्ती' के बीच अमेरिकी डिप्लोमैट का बड़ा प्रहार
US India Relations: अमेरिका के पूर्व मंत्री कर्ट कैंपबेल ने कहा कि अमेरिका के हित भारत में हैं, पाकिस्तान नहीं। ट्रंप के बदलते रुख के बीच यह बयान अहम माना जा रहा है।
US India Relations
US India Relations: अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री Kurt M. Campbell ने भारत और पाकिस्तान के साथ अमेरिकी संबंधों को लेकर साफ रुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के रणनीतिक हित New Delhi में केंद्रित हैं और इस मामले में पाकिस्तान कहीं आसपास भी नहीं है। Hudson Institute में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैंपबेल ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों से ही संभव हुई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हमारे सभी रणनीतिक हित दिल्ली में हैं। हम पाकिस्तान के साथ कोई समस्या नहीं चाहते, लेकिन हमारी असली दिलचस्पी भारत में ही है। भविष्य भी भारत के साथ ही जुड़ा हुआ है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका-भारत संबंध इतने महत्वपूर्ण हैं कि उन्हें “बड़े अक्षरों” में लिखा जाना चाहिए, जबकि पाकिस्तान का जिक्र “पैराग्राफ” में भी मुश्किल से आता है। हालांकि, उन्होंने हाल के समय में भारत-अमेरिका रिश्तों की मौजूदा स्थिति को लेकर कुछ चिंता भी व्यक्त की।
ट्रंप के बदले रुख से बढ़ी चर्चा
इस बयान के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के पाकिस्तान के प्रति बदले रुख ने नई बहस छेड़ दी है। हाल के दिनों में ट्रंप ने Shehbaz Sharif और Asim Munir की खुलकर तारीफ की है। 8 अप्रैल को घोषित सीजफायर के दौरान भी उन्होंने इन दोनों नेताओं का नाम लेते हुए श्रेय दिया था। इसके अलावा, ईरान से जुड़े मुद्दे पर भी ट्रंप ने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई को रोकने पर विचार किया, ताकि बातचीत का रास्ता खुला रह सके।
पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकियां
ट्रंप ने यह संकेत भी दिए कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता होता है, तो वे पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि वहां के सैन्य प्रमुख और प्रधानमंत्री दोनों ही “बेहद अच्छे” हैं। दिलचस्प बात यह है कि अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप पाकिस्तान पर “झूठ और धोखे” के आरोप लगा चुके थे, लेकिन अब उनके रुख में बदलाव साफ नजर आ रहा है। इस बदलाव की शुरुआत व्हाइट हाउस में Asim Munir को आमंत्रित करने से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने कई मौकों पर उनकी प्रशंसा की।
बदलते वैश्विक समीकरण
इन घटनाक्रमों के बीच कैंपबेल का बयान यह संकेत देता है कि अमेरिका की दीर्घकालिक रणनीति में भारत की अहमियत बनी हुई है, भले ही अल्पकालिक राजनीतिक घटनाएं कुछ अलग तस्वीर पेश करें।


