ईरान को ब्रिटेन से बड़ा झटका: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) आतंकी संगठन घोषित होगा

ईरान-अमरीका के बीच चल फिर से शुरू हो चुके युद्ध के हालत अब और गंभीर हो सकते हैं। अभी तक ब्रिटेन की ओर से खुलकर ईरान का विरोध नहीं किया गया था, लेकिन अब ब्रिटेन ने भी ईरान को अपने निशाने पर लिया है।

Alakha Singh
Published on: 13 July 2026 8:02 PM IST
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Iran-US War: ब्रिटेन सरकार ने ईरान के साथ बढ़ते कूटनीतिक तनाव के बीच बड़ा कदम उठाते हुए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद ब्रिटेन में IRGC के समर्थन, प्रचार या उससे जुड़े किसी भी प्रकार के सहयोग को आपराधिक अपराध माना जाएगा।

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय (Home Office) ने सोमवार को कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि IRGC ब्रिटेन की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में शामिल है। इसलिए इस संगठन पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है।

IRGC पर क्यों हुई कार्रवाई?

ब्रिटिश सरकार के अनुसार, हाल के वर्षों में IRGC पर ब्रिटेन की धरती पर कई साजिशों और सुरक्षा संबंधी घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगे हैं। इनमें:

  1. ईरान इंटरनेशनल टीवी के दो पत्रकारों की हत्या की कथित साजिश।
  2. ब्रिटेन के महत्वपूर्ण संस्थानों पर साइबर हमलों के आरोप।
  3. विदेशी शक्ति से जुड़े सुरक्षा खतरों में कथित संलिप्तता।

इन घटनाओं को देखते हुए सरकार ने IRGC के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है।

अन्य संगठनों पर भी लगेगा प्रतिबंध

ब्रिटेन केवल IRGC ही नहीं, बल्कि दो अन्य संगठनों पर भी कार्रवाई करने जा रहा है।

Islamic Movement of the Companions of the Right (IMCR): इस संगठन पर ब्रिटेन में यहूदी समुदाय से जुड़े ठिकानों पर कई हमलों का आरोप है।

Russian Federation Volunteer Corps (GRU): इसे रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क माना जाता है।

ब्रिटिश सरकार का कहना है कि ये तीनों संगठन विदेशी शक्ति से जुड़े सुरक्षा खतरों में शामिल पाए गए हैं।

ईरान से रिश्तों पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद ब्रिटेन और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं। पहले भी अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि यदि IRGC पर प्रतिबंध लगाया गया तो ईरान, तेहरान में तैनात ब्रिटिश राजदूत को निष्कासित कर सकता है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पहले से ही बना हुआ है, जिससे पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

क्या बदलेगा?

IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद:

  1. ब्रिटेन में IRGC का समर्थन करना अपराध होगा।
  2. संगठन के लिए धन जुटाना, प्रचार करना या सदस्यता से जुड़े कार्यों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
  3. सुरक्षा एजेंसियों को संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ अधिक कड़े कदम उठाने का अधिकार मिलेगा।

यह फैसला ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसके अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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