नेपाल में खतरा टला नहीं! बड़े फ्लड की चेतावनी, बाढ़ से 579 मौतें, 1,924 लापता, 320 भारतीयों से संपर्क नहीं | 10 UPDATES

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 579 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,924 लोग लापता बताए गए हैं।

Sachin Singh
Published on: 28 Aug 2026 10:19 PM IST (Updated on: 28 Aug 2026 10:20 PM IST)
नेपाल में खतरा टला नहीं! बड़े फ्लड की चेतावनी, बाढ़ से 579 मौतें, 1,924 लापता, 320 भारतीयों से संपर्क नहीं | 10 UPDATES
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Nepal Flash Floods: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, अब तक कम से कम 579 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,924 लोग लापता बताए गए हैं। इस बीच भारत ने राहत अभियान तेज करते हुए नेपाल के लिए तीसरी राहत उड़ान रवाना की है, जबकि चीन की सीमा पर फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है।

नेपाल की त्रासदी से अब तक के 10 LATEST UPDATES:

1. नेपाल में 579 लोगों की मौत

नेपाल की National Disaster Risk Reduction and Management Authority के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 579 लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार सुबह नदियों में अचानक आई तेज बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। चीन की ओर से भी 5 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। दोनों देशों को मिलाकर मृतकों की संख्या कम से कम 584 हो गई है।

2. 1,924 लोग अभी भी लापता

नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शुक्रवार को लापता लोगों की संख्या बढ़ाकर 1,924 कर दी। इनमें 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा बाढ़ से प्रभावित नदियों के किनारे बने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले 933 कर्मचारी भी लापता बताए गए हैं।

3. 400 से ज्यादा भारतीय चीन की तरफ सुरक्षित

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल-चीन सीमा के चीनी हिस्से में फंसे 400 से ज्यादा भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।

4. करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक ऐसे हैं जिनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। जायसवाल ने कहा कि यह आंकड़ा बदल सकता है, क्योंकि अलग-अलग सूचियों का मिलान किया जा रहा है और नई जानकारी सामने आ रही है।

5. 100 भारतीय मूल के लोग भी लापता

करीब 100 भारतीय मूल के ऐसे लोग भी संपर्क से बाहर हैं, जिनके पास भारतीय नागरिकता नहीं बल्कि दूसरे देशों की नागरिकता है। इनके कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की संभावना जताई गई है। भारतीय अधिकारी इन लोगों की जानकारी जुटाने की भी कोशिश कर रहे हैं।

6. भारत ने भेजी तीसरी राहत उड़ान

भारत ने नेपाल में राहत अभियान को और तेज कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि तीसरी राहत उड़ान 10 टन मानवीय सहायता लेकर काठमांडू रवाना हुई। इसमें पोर्टेबल जनरेटर, जरूरी सामान के किट, खाने के पैकेट और पानी साफ करने वाली टैबलेट शामिल हैं।

7. डॉक्टर और रेस्क्यू टीम भी नेपाल पहुंची

तीसरी राहत उड़ान में सिर्फ सामान ही नहीं, बल्कि 11 सदस्यीय मेडिकल और रेस्क्यू टीम भी भेजी गई है। इस टीम में डॉक्टर, पैरामेडिक्स और सुरंगों में बचाव अभियान के लिए विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम का उद्देश्य स्थानीय राहत एवं बचाव प्रयासों में मदद करना है।

8. 93 हजार लोगों पर पड़ा असर

रेड क्रॉस ने नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई आपदा को एक बड़ी मानवीय त्रासदी बताया है। शुरुआती आकलन के मुताबिक करीब 93,000 लोग इस आपदा से प्रभावित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के महासंघ ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है।

9. पुलिस अधिकारी ने दी और बड़ी बाढ़ की चेतावनी

नेपाल में राहत अभियान के बीच एक पुलिस अधिकारी ने आने वाले समय को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी और गंभीर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों और राहत-बचाव दलों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

10. दिल्ली और काठमांडू में 24 घंटे कंट्रोल रूम

भारत ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए दिल्ली और काठमांडू में कंट्रोल रूम सक्रिय किए हैं। ये केंद्र लगातार लोगों से संपर्क स्थापित करने और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए काम कर रहे हैं। वहीं, बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास चीनी अधिकारियों के साथ काम कर रहा है। भारत की प्राथमिकता इस समय प्रभावित भारतीयों को सुरक्षित निकालना और नेपाल को राहत सामग्री उपलब्ध कराना है।

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