नेपाल में बाढ़ से हाहाकार: अब तक 95 शव मिले, 11 हाइड्रोपावर प्लांट, 40 किमी सड़कें और 19 पुल तबाह, टेलीकॉम-बैंकिंग पर भी असर

नेपाल में भीषण बाढ़ से 11 हाइड्रोपावर प्लांट, 19 पुल और करीब 40 KM सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। 431 MW बिजली उत्पादन प्रभावित, बैंक और टेलीकॉम नेटवर्क भी तबाह।

Alakha Singh
Published on: 26 Aug 2026 6:59 PM IST (Updated on: 26 Aug 2026 9:29 PM IST)
नेपाल में बाढ़ से हाहाकार: अब तक 95 शव मिले, 11 हाइड्रोपावर प्लांट, 40 किमी सड़कें और 19 पुल तबाह, टेलीकॉम-बैंकिंग पर भी असर
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Nepal Flood News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ के तेज बहाव ने सड़क, पुल, बिजली, टेलीकॉम और बैंकिंग समेत कई अहम बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 11 हाइड्रोपावर प्लांट क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि करीब 431 मेगावाट बिजली उत्पादन सिस्टम से बाहर हो गया है।

बाढ़ से करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 19 पुलों को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में पुल बहने और सड़क संपर्क टूटने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।

बाढ़ के सबसे भयावह असर की तस्वीर रसुवा से माल्खु तक सामने आई है। यहां 20 से ज्यादा सस्पेंशन और मोटरेबल पुल तेज बहाव में बह गए। इनमें धादिंगबेसी को जोड़ने वाला पुल भी शामिल बताया जा रहा है।

पुलों के बह जाने से कई इलाकों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति भी चुनौती बन गई है।

अब तक 400 लोगों के लापता होने की सूचना है जिसमें 105 भारतीय शामिल हैं। 37 अन्य विदेशी भी हैं।




घटना में अब तक 95 लोगों के शव निकले

दिल दहला देने वाली घटना में अब तक कुल 95 शव मिले हैं। बाकी लोगों की तलाश जारी है। यहाँ भारत के अधिकांश वे लोग फंसे या लापता हुए हैं तो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और घटना वाले एरिया में ठहरे हुए थे।

जग्गी वासुदेव (सद्गुरु) ग्रुप के 148 लोग भी नेपाल में:

सद्गुरु ग्रुप से जुड़े सोजोर्न यात्रा में शामिल 21 समूहों के कुल लोगों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं। फिलहाल 743 लोग तिब्बत में, 148 लोग नेपाल में और 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद हैं। इसके अलावा 3 स्वयंसेवक नेपाल के तिमुरे में हैं।



11 हाइड्रोपावर प्लांट क्षतिग्रस्त, 431 MW बिजली उत्पादन प्रभावित

नेपाल के बिजली क्षेत्र को भी बाढ़ से बड़ा झटका लगा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार 11 हाइड्रोपावर प्लांट क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनके प्रभावित होने से करीब 431 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता सिस्टम से बाहर हो गई है।

हाइड्रोपावर प्लांट के अलावा बिजली से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और बहाली का काम चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


बैंक और वित्तीय संस्थानों के दफ्तर भी बाढ़ की चपेट में

बाढ़ का असर नेपाल के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र पर भी पड़ा है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक आधा दर्जन से ज्यादा बैंक और वित्तीय संस्थानों के कार्यालय बह गए या गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। करीब एक दर्जन बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

तेज जलप्रवाह से कई संस्थानों के कार्यालय और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित इलाकों में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

NTC और Ncell के टावर-साइट प्रभावित

बाढ़ ने नेपाल के टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क को भी नुकसान पहुंचाया है। 25 से ज्यादा टेलीकॉम साइट बाढ़ की चपेट में आई हैं। नेपाल टेलीकॉम (NTC) और Ncell के कई टावर और साइट प्रभावित हुए हैं।

टिमुरे, स्याफ्रुबेसी और नुवाकोट समेत कई क्षेत्रों में टेलीकॉम टावर, साइट और ऑप्टिकल फाइबर को नुकसान पहुंचा है। नेपाल टेलीकॉम की चीन से जुड़ने वाली फाइबर लाइन भी बाढ़ से प्रभावित हुई है।

ऑप्टिकल फाइबर को नुकसान पहुंचने से संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है और कई इलाकों में कनेक्टिविटी बहाल करना चुनौती बन सकता है।

6 जगहों पर फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम भी खराब

बाढ़ से नुकसान सिर्फ सड़कों और बिजली के ढांचे तक सीमित नहीं है। रसुवा, धादिंग और नुवाकोट में छह स्थानों पर फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम क्षतिग्रस्त हुए हैं।

ये सिस्टम बाढ़ के खतरे की शुरुआती चेतावनी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके क्षतिग्रस्त होने से भविष्य में प्रभावित इलाकों में समय रहते अलर्ट जारी करने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।


केंद्रीय जेल की इमारत को नुकसान, 800 कैदी सुरक्षित

नुवाकोट के बिदुर-6 स्थित खाम्पाकाम्प में केंद्रीय जेल की प्रशासनिक इमारत भी बाढ़ से प्रभावित हुई है। नेपाल पुलिस की सुरक्षा इकाई की इमारत को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है।

बाढ़ के पानी और तेज बहाव के कारण इमारतों की बाहरी दीवारों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह है कि केंद्रीय जेल में मौजूद सभी 800 कैदी सुरक्षित हैं।

सड़क से लेकर संचार तक तबाही

नेपाल में बाढ़ से हुए नुकसान की शुरुआती तस्वीर बेहद गंभीर है। सड़क और पुलों से लेकर बिजली उत्पादन, बैंकिंग, टेलीकॉम और सरकारी इमारतों तक बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है।

शुरुआती आंकड़ों में करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 19 पुल क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। वहीं रसुवा से माल्खु के बीच 20 से ज्यादा पुलों के बहने की जानकारी सामने आई है। बिजली क्षेत्र में 11 हाइड्रोपावर प्लांट प्रभावित हुए हैं और करीब 431 मेगावाट बिजली उत्पादन सिस्टम से बाहर हो गया है।

टेलीकॉम की 25 से ज्यादा साइट प्रभावित हुई हैं, जबकि छह जगह फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। आने वाले दिनों में नुकसान का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच अभी भी मुश्किल बनी हुई है।

इन नंबरों पर संपर्क करने की अपील

नेपाल में फ्लैश फ्लड से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने एक पोस्ट में बताया कि प्रभावित भारतीय नागरिक सहायता के लिए इन आपातकालीन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

+977 985 131 6807

+977 970 910 7500

दूतावास ने नेपाल में आज आई फ्लैश फ्लड के बाद प्रभावित भारतीय नागरिकों से जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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