'भारत एक सुपरपावर, अमेरिका का अगला राष्ट्रपति भी...', नेतन्याहू ने दिया डायरेक्ट मैसेज, क्या ट्रंप ने की दगाबाजी?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि देश को अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय भारत समेत दूसरे देशों के साथ भी रणनीतिक रिश्ते मजबूत करने चाहिए।

Sachin Singh
Published on: 19 Oct 2026 8:07 PM IST (Updated on: 19 Oct 2026 9:20 PM IST)
भारत एक सुपरपावर, अमेरिका का अगला राष्ट्रपति भी..., नेतन्याहू ने दिया डायरेक्ट मैसेज, क्या ट्रंप ने की दगाबाजी?
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India Israel Relations: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले देश की सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर एक नया रुख पेश किया है। उन्होंने कहा है कि इजरायल को केवल अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया के दूसरे देशों के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत करने होंगे। मतलब साफ है कि डोनाल्ड ट्रंप की बेरुखी से नेतन्याहू का भरोसा अमेरिका से उठ चुका है, जिसका उन्होंने साफ संदेश दे दिया है।

इस दौरान अमेरिका को छोड़ नेतन्याहू ने अपने यार भारत पर भरोसा जताया है। नेतन्याहू ने कहा कि दूसरी बात यह है कि अन्य गठबंधन बनाए जाएं। भारत कोई छोटा देश नहीं है और ऐसे कई अन्य देश भी हैं। नेतन्याहू ने भारत को महाशक्तिशाली बताते हुए अमेरिका को ये डायरेक्ट मैसेज दे दिया है कि अमेरिका अगर आंख दिखाता है, तो मित्र भारत हमेशा उसके साथ खड़ा है। ऐसे में एक सवाल ये भी है कि आखिर नेतन्याहू का अमेरिका से भरोसा क्यों उठ रहा। क्या ट्रंप ने ईरान मुद्दे पर इजरायल के साथ दगाबाजी की है?

अपने यार भारत पर इजरायल को है अंधा भरोसा

नेतन्याहू ने अपनी नई सुरक्षा रणनीति में भारत को खास जगह दी है। उन्होंने कहा कि इजरायल को दूसरे देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने चाहिए और इस दिशा में भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार है। नेतन्याहू ने कहा, 'दूसरी बात यह है कि दूसरे गठबंधन बनाए जाएं। भारत कोई छोटा देश नहीं है और भी कई देश हैं।'

नेतन्याहू ने कहा कि भारत के साथ मजबूत संबंध इजरायल को भविष्य में अमेरिका की नीतियों में संभावित बदलावों से निपटने में मदद कर सकते हैं। नेतन्याहू ने भारत को एक बड़ी वैश्विक शक्ति बताया और दोनों देशों के रिश्तों को इजरायल की दीर्घकालिक कूटनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना।

मोदी और नेतन्याहू के रिश्तों का भी किया जिक्र

नेतन्याहू इससे पहले भी भारत और इजरायल के संबंधों को लेकर कई बार सकारात्मक बयान दे चुके हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र करते रहे हैं। साथ ही, उन्होंने भारत में इजरायल के प्रति लोगों के समर्थन की भी बात कही है।

नेतन्याहू ने पहले कहा था कि भारत में इजरायल के लिए लोगों का प्यार 'बेहद जबरदस्त' है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा था कि संभव है कि सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स भारत में दुनिया के किसी भी दूसरे देश से ज्यादा हों।

अमेरिका में भविष्य की सरकार को लेकर नेतन्याहू की चेतावनी

एक सुरक्षा कार्यक्रम में बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को अमेरिका की राजनीति में आने वाले बदलावों को ध्यान में रखकर लंबी अवधि की रणनीति बनानी होगी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल के बचे हुए दो सालों का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान इजरायल को अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करनी चाहिए, लेकिन इसके बाद के हालात के लिए भी तैयार रहना जरूरी है।

नेतन्याहू ने चेतावनी देते हुए कहा, 'दो साल बाद कोई ऐसा राष्ट्रपति सत्ता में आ सकता है, चाहे वह पुरुष हो या महिला, जिसका इजरायल के प्रति रवैया बेहद शत्रुतापूर्ण हो।' उनके इस बयान के पीछे अमेरिका की घरेलू राजनीति और इजरायल के साथ उसके रिश्तों में संभावित बदलाव की चिंता दिखाई देती है। इससे पहले भी नेतन्याहू के बराक ओबामा और जो बाइडेन जैसे डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों के साथ रिश्तों में तनाव देखने को मिला था। नेतन्याहू ने कई मौकों पर वॉशिंगटन से मतभेद होने के बावजूद इजरायल के हितों की रक्षा करने पर जोर दिया है।

लैटिन अमेरिका में भी नए साझेदार तलाशने की तैयारी

नेतन्याहू ने भारत के अलावा लैटिन अमेरिका के देशों के साथ संबंध मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने खास तौर पर ब्राजील में संभावित राजनीतिक बदलावों का जिक्र किया और कहा कि ऐसे बदलाव इजरायल के लिए नए कूटनीतिक अवसर पैदा कर सकते हैं।

उनकी रणनीति का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे देशों के साथ साझेदारी बढ़ाना है, जिनके साथ इजरायल के संबंध भविष्य में उसके राजनीतिक और सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकें।

चुनाव से पहले नेतन्याहू की योजना पर विपक्ष ने उठाए सवाल

नेतन्याहू की नई सुरक्षा रणनीति सामने आने के बाद देश के भीतर भी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। इजरायल की सेना के पूर्व प्रमुख और नेतन्याहू के प्रमुख चुनावी प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट ने इस योजना की आलोचना की है।

आइजेनकोट ने नेतन्याहू की प्रस्तुति को 'नारों से भरे दो खोखले पन्ने' बताया। उनका आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले पेश की गई यह योजना ठोस राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के बजाय लोगों की सोच और डर को प्रभावित करने वाली चुनावी बयानबाजी है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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