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No UPI Day 2026: 2 अक्टूबर को देश में 'नो यूपीआई डे, नहीं चलेगा UPI, व्यापारियों ने किया ऐलान
No UPI Day 2026: 2 अक्टूबर को कई व्यापारी संगठन UPI भुगतान का विरोध करेंगे। जानें 0.4% MDR, ₹2,000 की सीमा और ग्राहक पर इसका असर।
No UPI Day 2026: Why Traders Plan to Stop Accepting UPI on October 2
No UPI Day 2026: अगर आप 2 अक्टूबर को खरीदारी करने निकल रहे हैं और हर भुगतान UPI से करने की आदत है, तो यह खबर आपके काम की है। देश के कई व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती को ‘नो यूपीआई डे’ के तौर पर मनाने का ऐलान किया है। इस दिन विरोध में कई व्यापारी दुकानों पर लगे UPI QR कोड और साउंड बॉक्स को बंद या ढकने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों को भुगतान के लिए कैश या कार्ड का सहारा लेना पड़ सकता है। यह विरोध UPI पर प्रस्तावित नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के खिलाफ है।
2 अक्टूबर को क्यों किया जा रहा है ‘नो यूपीआई डे’
व्यापारी संगठनों की नाराजगी उस नए नियम को लेकर है, जिसके तहत 15 अक्टूबर 2026 से कुछ मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR लागू होगा। प्रस्तावित व्यवस्था में 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा। एक लेनदेन पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।
बिजनेस संगठनों का कहना है कि खुदरा कारोबार में पहले ही मुनाफे का मार्जिन सीमित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर अतिरिक्त लागत व्यापारियों पर आने से उनकी लागत बढ़ सकती है। इसी मुद्दे को लेकर 2 अक्टूबर को विरोध का फैसला लिया गया है। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के व्यापारिक संगठनों ने ‘नो यूपीआई डे’ में शामिल होने की बात कही है।
क्या 2 अक्टूबर को पूरे देश में UPI बंद रहेगा?
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। 2 अक्टूबर को देशभर में UPI सेवा बंद नहीं की जा रही है। ‘नो यूपीआई डे’ व्यापारियों की ओर से प्रस्तावित विरोध है। यानी जिन दुकानदारों और कारोबारियों ने इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया है, वे उस दिन UPI से भुगतान लेने से इनकार कर सकते हैं।
इसलिए ग्राहक के मोबाइल में UPI ऐप काम करना बंद नहीं होगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान भी सामान्य रूप से जारी रहेगा। विरोध मुख्य रूप से दुकानों और कारोबारियों को किए जाने वाले UPI भुगतान को लेकर है।
2,000 रुपये से कम के UPI पेमेंट पर क्या होगा?
नए नियम को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम इसी बात पर है। सरकार के अनुसार 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। छोटे कारोबारी भी निर्धारित शर्तों के तहत इस शुल्क से बाहर रहेंगे। वित्त मंत्रालय के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI लेनदेन नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे।
यानी 500, 1,000 या 2,000 रुपये तक की सामान्य खरीदारी पर ग्राहक से कोई UPI शुल्क नहीं लिया जाएगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI ट्रांसफर भी मुफ्त रहेगा।
ग्राहक को नहीं देना होगा 0.4% चार्ज
एक और अहम बात यह है कि प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR सीधे ग्राहक से वसूलने वाला शुल्क नहीं है। यह मर्चेंट पेमेंट सिस्टम के भीतर लगने वाला शुल्क है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों से MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
व्यापारियों का कहना है कि यह उनके लिए अतिरिक्त लागत बन सकती है। इसी वजह से कुछ कारोबारी संगठनों ने विरोध शुरू किया है और 2 अक्टूबर को UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने का आह्वान किया है।
2 अक्टूबर के बाद क्या बदल सकता है?
15 अक्टूबर से लागू होने वाली व्यवस्था को लेकर अलग-अलग व्यापारिक संगठनों ने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। कुछ जगहों पर कारोबारियों ने पहले ही UPI भुगतान सीमित करने या बड़े भुगतान पर UPI स्वीकार नहीं करने की तैयारी शुरू कर दी है। पेट्रोल पंप डीलरों ने भी 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR से छूट की मांग उठाई है।


