पाक की घनघोर बेइज्जती! अफगान विदेश मंत्री ने परमाणु शक्ति पर Pak को जमकर लताड़ा, दिखा दिया आईना

Pakistan-Afghanistan conflict: अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि परमाणु शक्ति होने का दावा करने वाला पाकिस्तान अपनी ताकत प्याज, टमाटर और गरीब अफगान शरणार्थियों पर आजमा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने शांति वार्ता को पूरी तरह विफल कर दिया है।

Harsh Srivastava
Published on: 10 Nov 2025 4:40 PM IST
पाक की घनघोर बेइज्जती! अफगान विदेश मंत्री ने परमाणु शक्ति पर Pak को जमकर लताड़ा, दिखा दिया आईना
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Pakistan-Afghanistan conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद, अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा है। मुत्तकी ने पाकिस्तान द्वारा व्यापार पर प्रतिबंध लगाए जाने और अफगान शरणार्थियों पर की जा रही ज्यादती पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा है कि खुद को परमाणु ताकत कहने वाला पाकिस्तान आलू, टमाटर और प्याज पर अपनी ताकत आजमा रहा है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, "पाकिस्तान एक परमाणु संपन्न देश है लेकिन वो अपनी पूरी ताकत प्याज, आलू, टमाटर और गरीब अफगान शरणार्थियों पर आजमा रहा है।"

पाकिस्तान द्वारा अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजना और दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में भारी गिरावट आना, मुत्तकी की नाराजगी का मुख्य कारण है। उन्होंने सवाल किया, "आखिर एक परमाणु शक्ति प्याज और टमाटर पर अपनी ताकत कैसे आजमा सकती है? यह तर्क किसी के हित में नहीं है।" यह बयान दिखाता है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों में तनाव किस हद तक बढ़ गया है।

असंभव मांगों ने तोड़ी शांति वार्ता

तालिबान के विदेश मंत्री मुत्तकी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत इसलिए विफल हो गई क्योंकि पाकिस्तान ऐसी मांगें कर रहा था जिसे माना नहीं जा सकता था। मुत्तकी ने बताया कि पाकिस्तान ने तालिबान पर दबाव डाला था कि वो पाकिस्तान के भीतर शांति की गारंटी दे और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ कदम उठाए। मुत्तकी ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा, "वो चाहते थे कि हम पाकिस्तान में शांति सुनिश्चित करें, लेकिन उनकी अपनी ताकतें हमारे नियंत्रण में नहीं हैं।"

शांति वार्ता के दौरान पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सामने यह असंभव शर्त भी रख दी थी कि TTP को पाकिस्तान से अफगानिस्तान में स्थानांतरित कर दिया जाए। मुत्तकी ने स्पष्ट किया कि यह एक असंभव शर्त थी और इन्हीं कारणों से पाकिस्तान के साथ बातचीत असफल रही। उन्होंने पाकिस्तान के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि तालिबान ने अचानक वार्ता से किनारा कर लिया।

'घर संभल नहीं रहा, तो दूसरों पर लगाओ आरोप'

अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी ने पाकिस्तान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कि तालिबान TTP के आतंकियों को शरण दे रहा है और यही आतंकी पाकिस्तान के भीतर लगातार हमले कर रहे हैं। मुत्तकी ने पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तान की घरेलू सुरक्षा समस्याएं उसकी अपनी बनाई हुई हैं। उन्होंने TTP के इतिहास का हवाला देते हुए कहा, "TTP पिछले 25 सालों से पाकिस्तान में सक्रिय है। उनका अस्तित्व हमारे शासन से पहले का है।"

मुत्तकी ने पाकिस्तान पर अपनी सीमाओं की रक्षा करने में असफल रहने और अब दोष दूसरों पर मढ़ने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक परमाणु शक्ति को अपनी आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, न कि व्यापारिक प्रतिबंध लगाकर और गरीब शरणार्थियों को परेशान करके अपनी ताकत दिखानी चाहिए।

यह सब दर्शाता है कि पाकिस्तान की तरफ से व्यापार पर प्रतिबंध लगाना और अफगान शरणार्थियों को जबरन वापस भेजना, दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा कर रहा है। मुत्तकी के बयानों ने साफ कर दिया है कि तालिबान पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मुद्दों की गारंटी लेने को तैयार नहीं है, और दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ने की आशंका है।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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