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प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ पाकिस्तान बना रहा है बड़ा प्लान! असीम मुनीर और लश्कर-ए-तैयबा मिलकर कुछ करने वाले है 'बड़ा?
PM Modi Threat: पाकिस्तान की 'महा-साज़िश' का खुलासा! लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर सैफुल्ला कसूरी ने PM मोदी को दी खुली धमकी, पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर की तारीफ की। जानें कैसे पाक PM शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र में 'जल-आतंकवाद' का नारा देकर आतंकी एजेंडे से तालमेल बिठा रहे हैं।
PM Modi Threat: पाकिस्तान में आतंकवाद और राजनीति की जुगलबंदी एक बार फिर भारत के खिलाफ साज़िश रचती दिख रही है। एक ओर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली धमकी दे रहा है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ 'जल आतंकवाद' का नारा बुलंद कर रहे हैं।
आतंकी कमांडर की धमकी: ISI का सीधा संरक्षण
पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्ला कसूरी ने वायरल वीडियो में, पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की तारीफ करते हुए उन्हें "फील्ड मार्शल" बताया। कसूरी ने बेशर्मी से जनरल मुनीर से अपील की कि वे पीएम मोदी को "वही सबक सिखाएँ, जैसा हमने 10 मई 2025 को सिखाया था।" इस आतंकी ने अपनी धमकी को हाल ही में पाकिस्तान में आई बाढ़ से जोड़ा। कसूरी, जो लश्कर संस्थापक हाफिज सईद के करीबी साथियों के संरक्षण में काम करता है, ने भारत पर "पानी का आतंकवाद" करने का आरोप लगाया। उसका दावा है कि नई दिल्ली ने जानबूझकर "अनियंत्रित पानी छोड़कर" पाकिस्तान में बाढ़ लाई है। यह तस्वीर पाकिस्तान की आतंक प्रायोजित गतिविधियों को बेनकाब करती है, क्योंकि यह धमकी पाकिस्तान-आधारित सोशल मीडिया चैनलों पर बड़े पैमाने पर फैलाई जा रही है।
LeT's Saifullah Kasuri threatens PM Modi, praising Pak Army Chief Asim Munir and urging him to “teach a lesson.
— KashmirFact (@Kashmir_Fact) October 7, 2025
Kasuri’s threats are loud, but India’s resolve is louder 🇮🇳 Still crying over May 2025? Keep dreaming.#NoFear #LOL #Pakistani
VC: @OsintTV pic.twitter.com/7b7VwycB6z
शरीफ की दोहरी नीति: UN में जल-संधि का मुद्दा
कसूरी के ये भड़काऊ बयान ऐसे समय में आए हैं जब कुछ ही दिन पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) का मुद्दा उठाया था। शरीफ ने भारत पर संधि के प्रावधानों का उल्लंघन करने और क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद के कारण इसे स्थगित (abeyance) करने का आरोप लगाया।
शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में कहा, "भारत का सिंधु जल संधि को एकतरफा और अवैध रूप से स्थगित करने का प्रयास संधि के प्रावधानों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय कानून के मानदंडों की भी अवहेलना है। पाकिस्तान यह स्पष्ट कर चुका है कि हम अपने लोगों के इन पानी पर अविभाज्य अधिकार की रक्षा करेंगे। हमारे लिए, संधि का कोई भी उल्लंघन युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।"
दिलचस्प बात यह है कि शरीफ ने वैश्विक मंच पर जहाँ कश्मीर और पानी का राग अलापा, वहीं उन्होंने सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे प्रयासों का कोई उल्लेख नहीं किया, जबकि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद (जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे) इसी कारण संधि को स्थगित करने का संप्रभु अधिकार इस्तेमाल किया था।
तालमेल वाला दुष्प्रचार
आतंकी कमांडर कसूरी और प्रधानमंत्री शरीफ के बयानों का एक ही 'पानी' नैरेटिव पर केंद्रित होना, इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान का आतंकी तंत्र और राजनीतिक नेतृत्व भारत के खिलाफ एक समन्वित दुष्प्रचार अभियान चला रहा है। भारत ने साफ कर दिया है कि उसने अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया है और इसकी बहाली केवल तभी होगी जब पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को बंद करने का सत्यापन योग्य प्रमाण देगा। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की उस दोहरी चाल को उजागर करता है, जहाँ वह एक तरफ राजनयिक मंचों पर शांति की बात करता है, और दूसरी तरफ आतंकियों को भारत के खिलाफ धमकी देने के लिए खुला संरक्षण देता है।


