कंगाल पाकिस्तान में हाहाकार! डीजल ₹520 के पार और पेट्रोल ने भी तोड़े सारे रिकॉर्ड, अब गधों पर चलेगी जनता?

Pakistan Petrol Price Hike 2026: कंगाल पाकिस्तान में हाहाकार! डीजल ₹520 के पार और पेट्रोल ₹458। मिडिल ईस्ट की जंग और होर्मुज संकट ने पड़ोसी देश में मचाया तेल का तांडव। क्या अब गधों पर चलेगी जनता?

Harsh Sharma
Published on: 3 April 2026 8:19 AM IST (Updated on: 3 April 2026 8:20 AM IST)
कंगाल पाकिस्तान में हाहाकार! डीजल ₹520 के पार और पेट्रोल ने भी तोड़े सारे रिकॉर्ड, अब गधों पर चलेगी जनता?
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Pakistan Petrol Price Hike 2026: पड़ोसी देश पाकिस्तान से एक ऐसी खबर आई है जिसने वहां की जनता के पैरों तले जमीन खिसका दी है। पहले से ही पाई-पाई को मोहताज और आर्थिक कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान में महंगाई का एक ऐसा परमाणु बम फूटा है, जिसकी गूँज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। गुरुवार की आधी रात जब दुनिया सो रही थी, तब पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐसी ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी कि आम आदमी की कमर ही टूट गई। यह कोई मामूली बढ़ोत्तरी नहीं है, बल्कि सीधे 43 से 55 फीसदी तक का जबरदस्त उछाल है। पाकिस्तान के इतिहास में शायद ही कभी एक झटके में तेल की कीमतों में इतना बड़ा इजाफा देखा गया हो। मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की आग अब पाकिस्तान की सड़कों पर महंगाई के रूप में बरस रही है। आखिर पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के नए रेट क्या हैं और क्यों सरकार को यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा? आइए जानते हैं इस महा-महंगाई की पूरी कहानी।

डीजल ₹520 के पार और पेट्रोल का 'खूनी' उछाल

पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने गुरुवार को जो घोषणा की, उसने पूरे मुल्क में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। सरकार ने डीजल की कीमतों में 54.9 प्रतिशत की रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की है, जिसके बाद अब एक लीटर डीजल की कीमत 520.35 पाकिस्तानी रुपये यानी करीब 1.88 डॉलर तक पहुँच गई है। डीजल की कीमतों में इतना बड़ा इजाफा खेती-किसानी और माल ढुलाई को पूरी तरह तबाह कर देगा। सिर्फ डीजल ही नहीं, पेट्रोल की कीमतों में भी 42.7 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब वहां पेट्रोल 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि एक महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब कीमतों में इतना बड़ा बदलाव हुआ है। पिछले महीने ही सरकार ने दाम 20 प्रतिशत बढ़ाए थे, लेकिन अब जो हुआ है उसने जनता को सड़क पर आने को मजबूर कर दिया है।

मिडिल ईस्ट की जंग और होर्मुज स्ट्रेट का गहरा साया

पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह उनकी मजबूरी है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध ने पूरी दुनिया के तेल बाजार को अपनी चपेट में ले लिया है। पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों के लिए पूरी तरह से सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर निर्भर है। इन देशों से तेल की सप्लाई 'होर्मुज स्ट्रेट' यानी होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होती है। युद्ध की वजह से इस समुद्री रास्ते पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रही है, ऐसे में महंगे तेल का बोझ उठाना सरकार के बस से बाहर हो गया है। इसी तेल संकट ने पाकिस्तान की जनता की रसोई से लेकर उनकी गाड़ियों तक सब कुछ महंगा कर दिया है।

किसानों और बाइक सवारों के लिए 'मरहम' या सिर्फ दिखावा?

जनता के भारी गुस्से को देखते हुए सरकार ने कुछ राहत देने की कोशिश तो की है, लेकिन वह ऊँट के मुँह में जीरा साबित हो रही है। सरकार ने एलान किया है कि दोपहिया वाहन चालकों और किसानों को अगले तीन महीनों तक 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी। हालांकि, इस पर भी एक बड़ी शर्त लगा दी गई है। एक व्यक्ति को महीने में अधिकतम 20 लीटर पेट्रोल पर ही यह सब्सिडी मिलेगी। यानी एक आम बाइक सवार को महीने में सिर्फ 2000 रुपये की राहत मिल पाएगी, जबकि कीमतों में हुई भारी वृद्धि से उसका महीने का खर्च कई गुना बढ़ चुका है। जानकारों का मानना है कि यह राहत नाकाफी है क्योंकि डीजल की कीमतों में हुए 55 प्रतिशत के उछाल से खाद, बीज और ट्रांसपोर्टेशन इतना महंगा हो जाएगा कि आम जनता के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो जाएगा। पाकिस्तान के लिए आने वाले दिन और भी भयावह होने वाले हैं।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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