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Turkey Pakistan Defence Deal: पाकिस्तान में तुर्किये की सैन्य सक्रियता बढ़ी, A-400M के नूर खान एयरबेस पहुंचने से भारत सतर्क
Turkey Pakistan Defence Deal: मक्का रक्षा समझौते के बाद पाकिस्तान में तुर्किये के A-400M सैन्य विमान के पहुंचने का दावा है। नूर खान एयरबेस पर ड्रोन और सैन्य उपकरणों की सप्लाई की खबर से भारत सतर्क है।
Turkey Pakistan Defence Deal (Image Credit-Social Media)
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए त्रिपक्षीय 'मक्का रक्षा समझौते' के बाद पाकिस्तान में तुर्किये के सैन्य विमानों की सक्रियता बढ़ गई है। एविएशन ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, तुर्किये वायुसेना का भारी परिवहन विमान एयरबस A-400M एटलस (कॉलसाइन: TUAF526) 18 अगस्त को रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पर उतरा और साजो-सामान उतारकर वापस रवाना हुआ। यह वही सामरिक एयरबेस है जिसे भारत ने पूर्व में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान तबाह कर दिया था।
उच्चस्तरीय रक्षा सूत्रों के अनुसार, तुर्किये ने इस विमान के जरिए पाकिस्तान को अत्याधुनिक मानवरहित युद्धक प्रणाली (ड्रोन), गोला-बारूद और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सैन्य उपकरण पहुंचाए हैं। सोशल मीडिया पर चीनी सैन्य विमानों के भी नूर खान और कराची के मसरूर एयरबेस पहुंचने के दावे किए जा रहे हैं, जिसकी पुष्टि की जा रही है। भारतीय खुफिया और सामरिक एजेंसियां सीमा पार हो रही इस नई रक्षा आपूर्ति पर कड़ी नजर रख रही हैं।
तुर्किये के ड्रोन और सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति से बढ़ी चिंता
मक्का रक्षा समझौते के तहत किसी एक देश पर हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसी समझौते की आड़ में पाकिस्तान अपने सैन्य ढांचे को तुर्किये के तेजी से उभरते ड्रोन और रक्षा तंत्र से लैस कर रहा है:
पूर्व का रिकॉर्ड: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी तुर्किये ने मई 2025 में पाकिस्तान को सैन्य मदद भेजी थी। उस समय पाकिस्तान ने तुर्किये मूल के 'असिसगार्ड सांगर' और 'यिहा-3' ड्रोन का इस्तेमाल किया था, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया था।
बायकर टेक्नोलॉजीज से साठगांठ: पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने मई में तुर्किये की प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनी 'बायकर' (Baykar) के चेयरमैन सेल्कुक बेराक्तार से मुलाकात की थी। बायकर विख्यात 'बायराक्तार TB-2', 'अकिन्जी' (Akinci) और 'किजिलएल्मा' जैसे स्टील्थ मानवरहित युद्धक विमान बनाती है। पाकिस्तानी सैनिकों को अकिन्जी ड्रोन के संचालन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।


