PM Modi Indonesia Visit: 1000 साल पुराने हिंदू मंदिर पहुंचे PM मोदी! प्रम्बानन में पूजा के बाद भारत-इंडोनेशिया ने लिया बड़ा फैसला

PM Modi Indonesia Visit: करीब एक हजार वर्ष पुराने इस भव्य मंदिर परिसर में उनकी यात्रा को दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत और मजबूत होते संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

Priya Singh Bisen
Published on: 8 July 2026 1:19 PM IST (Updated on: 8 July 2026 1:20 PM IST)
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PM Modi Indonesia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के अंतिम दिन भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों की एक ऐतिहासिक झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर का दौरा किया और वहां पूजा-अर्चना की। करीब एक हजार वर्ष पुराने इस भव्य मंदिर परिसर में उनकी यात्रा को दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत और मजबूत होते संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और इसकी भव्य वास्तुकला की सराहना की। उन्होंने हेलीकॉप्टर से दिखाई देने वाले प्रम्बानन मंदिर परिसर की एक आकर्षक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की और इसे भारतीय संस्कृति और सभ्यता की गौरवशाली विरासत का प्रतीक बताया।

भारत करेगा मंदिर संरक्षण में सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इससे एक दिन पहले भारत और इंडोनेशिया के बीच प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण, जीर्णोद्धार और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।

इस समझौते के तहत भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के अंतर्गत इंडोनेशिया के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण में तकनीकी और विशेषज्ञ सहयोग प्रदान करेगा। दोनों देशों का मानना है कि यह पहल सांस्कृतिक कूटनीति को नई मजबूती देगी और सदियों पुराने ऐतिहासिक रिश्तों को और गहरा करेगी।

दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रमुख हिंदू मंदिर

प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। यह कंबोडिया के प्रसिद्ध अंगकोर वाट के बाद दक्षिण-पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह मंदिर अपनी अद्भुत स्थापत्य कला, ऊंचे शिखरों और बारीक नक्काशी के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

मंदिर परिसर के केंद्र में भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित तीन विशाल मंदिर स्थित हैं। इनमें भगवान शिव का मंदिर सबसे ऊंचा है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर बताई जाती है। मंदिर की दीवारों पर रामायण और अन्य हिंदू धर्मग्रंथों की कथाओं को सुंदर शिल्पकला के माध्यम से उकेरा गया है, जो प्राचीन भारतीय संस्कृति के प्रभाव को दर्शाता है।

9वीं शताब्दी से जुड़ा है गौरवशाली इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार, प्रम्बानन मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी में मताराम राजवंश के राजा रकाई पिकातन ने शुरू कराया था। उस समय इस पूरे परिसर में लगभग 240 छोटे-बड़े मंदिर मौजूद थे।

समय के साथ राजनीतिक परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और पास स्थित माउंट मेरापी ज्वालामुखी के विस्फोटों के कारण यह मंदिर लंबे समय तक उपेक्षित रहा। बाद में भूकंप से भी इसे नुकसान पहुंचा, लेकिन 19वीं और 20वीं शताब्दी में इसके पुनरुद्धार का कार्य शुरू किया गया। साल 1991 में यूनेस्को ने प्रम्बानन मंदिर को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक इतिहास, धार्मिक विरासत और भविष्य में बढ़ते सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Priya Singh Bisen
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Priya Singh Bisen

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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