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PoK में भड़का गुस्सा! पाकिस्तानी सेना के जुल्म के खिलाफ कश्मीरी नेता ने भारत से मांगी बड़ी मदद
PoK Protest News: PoK में हाहाकार! पाकिस्तानी सेना के अमानवीय ज़ुल्म, खाने-दवाइयों पर पहरे और नरसंहार के खिलाफ कश्मीरी नेता सरदार अमन खान ने खोला मोर्चा। भारत और श्रीनगर के लोगों से मांगी बड़ी मदद; जानें पूरी कहानी।
PoK Protest News: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस्लामाबाद सरकार और पाकिस्तानी सेना वहां के मासूम नागरिकों की आवाज को दबाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर चुकी है। अपने ही हक और बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे लोगों पर अमानवीय अत्याचार किए जा रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर PoK के एक बड़े कश्मीरी नेता का वीडियो संदेश वायरल हुआ है, जिसने तहलका मचा दिया है। इस वीडियो में उन्होंने न सिर्फ पाकिस्तान के घिनौने चेहरे को बेनकाब किया है, बल्कि सीधे भारत के नागरिकों और खासकर श्रीनगर के लोगों से मदद की गुहार लगाई है।
सांस लेने पर भी पहरा, दाने-दाने को मोहताज हुए लोग
PoK में चल रहे इस भयंकर दमन के बीच जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के मुख्य सदस्य सरदार अमन खान ने एक भावुक वीडियो जारी किया है। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा कि PoK के लोग पिछले लगभग एक महीने से पाकिस्तानी हुकूमत के सबसे क्रूर और दमनकारी दौर से गुजर रहे हैं। वहां हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि लोगों के खाने-पीने की चीजों की सप्लाई और जरूरी दवाइयों के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। सरदार अमन खान ने वीडियो में यहां तक कह दिया कि वहां के क्रूर शासक और सुरक्षा बल अब कश्मीरी लोगों के सांस लेने तक पर पहरा लगा रहे हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें इस बात से भी ऐतराज है कि PoK के लोग जिंदा क्यों हैं।
श्रीनगर और जम्मू-लद्दाख से की बड़ी अपील
अत्याचार और सैन्य आक्रामकता के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए सरदार अमन खान ने आज यानी 5 जुलाई को एक महा-विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है। इस ऐतिहासिक आंदोलन को सफल बनाने के लिए उन्होंने सीमा पार बैठे भारत के कश्मीरी भाइयों को आवाज दी है। उन्होंने घाटी के लोगों, विशेषकर श्रीनगर, पुंछ, मेंढर, राजौरी, जम्मू, लद्दाख और करगिल के नागरिकों से अपील की है कि वे इस ज़ुल्म और अन्याय के खिलाफ खुलकर सामने आएं। उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में उन्हें भारत के लोगों के पुरजोर समर्थन की जरूरत है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के इस नरसंहार और तानाशाही को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।
विपक्षी नेताओं पर बैन और सरकार का असली चेहरा
पाकिस्तान सरकार की बौखलाहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अब लोकतंत्र का गला घोंटने पर उतारू है। इससे ठीक पहले 30 जून को पाकिस्तानी अधिकारियों ने विपक्ष के एक बड़े राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल को जबरन PoK में घुसने से रोक दिया था। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने सरकार की इस तानाशाही की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक असहमति को कुचलने का सबसे बड़ा सबूत बताया है। प्रशासन ने न केवल नेताओं की आवाजाही रोकी है बल्कि आम जनता को भूखा मारने की साजिश रची है। अब देखना यह होगा कि आज होने वाले इस महा-आंदोलन के बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घिर चुका पाकिस्तान क्या कदम उठाता है।


