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POK में पाकिस्तान का कत्लेआम! रावलकोट में फायरिंग और ड्रोन अटैक, 3 की मौत, कई घायल | VIDEO
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर फायरिंग और ड्रोन हमले का आरोप लगाया है।
POK Violence: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में सरकार और सेना के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप लेता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को रावलकोट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने हालात को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए फायरिंग की और ड्रोन से हमले भी किए। एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं।
रावलकोट में फायरिंग और ड्रोन हमले का दावा
सोशल मीडिया पर बुरहानुद्दीन और अली मुस्तफा नाम के यूजर्स ने POK के कई वीडियो शेयर किए हैं। इनमें कथित तौर पर स्थानीय लोग रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जानकारी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक घर में आग लगी हुई दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि इलाके में ड्रोन के जरिए भी हमले किए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल आंदोलन को दबाने के लिए ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की बात भी कही जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का दावा- 2 से 3 घंटे तक होती रही फायरिंग
POK से सामने आए एक अन्य वीडियो में एक प्रदर्शनकारी दावा करता दिखाई दे रहा है कि रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने करीब दो से तीन घंटे तक लगातार गोलियां चलाईं। उसके मुताबिक, इस फायरिंग में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए।
प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने आम लोगों और बच्चों को भी निशाना बनाया। उसने पाकिस्तान की सेना के प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले कश्मीरियों से भी इस आंदोलन के समर्थन में एकजुट होने को कहा है।
पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ बढ़ता गुस्सा
रावलकोट में सामने आए इन घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान की सरकार और सेना के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी अब केवल अपनी स्थानीय मांगों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि पाकिस्तान के शासन और सैन्य नेतृत्व के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेशों में आंदोलनकारियों ने इसे अपने अधिकारों की लड़ाई बताते हुए बड़े स्तर पर विरोध जारी रखने की बात कही है।
जून से चल रहा है POK में विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला इस साल जून से जारी है। शुरुआत POK विधानसभा में सीटों के आरक्षण के मुद्दे को लेकर हुई थी। धीरे-धीरे आंदोलन में महंगाई, बेरोजगारी और रोजगार जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों पर पाकिस्तान का नियंत्रण और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाना शुरू कर दिया। आंदोलन का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है। इसके आह्वान पर POK के कई बड़े शहरों में प्रदर्शन हुए हैं।
JAAC पर प्रतिबंध और नेताओं की गिरफ्तारी से बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य नेतृत्व ने उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय सख्ती का रास्ता अपनाया। आंदोलन के दौरान JAAC पर प्रतिबंध लगाने और उसके नेताओं को गिरफ्तार किए जाने की खबरें भी सामने आईं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भीड़ पर की गई कार्रवाई और गिरफ्तारियों ने लोगों की नाराजगी को और बढ़ा दिया है। रावलकोट में बड़ी संख्या में लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और यहां पहले भी हिंसक झड़पों की खबरें सामने आती रही हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर फायरिंग और ड्रोन हमले को लेकर किए जा रहे दावों ने हालात को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


