‘3-4% हिंदुओं को बर्दाश्त कर रहे…’ PAK राष्ट्रपति जरदारी के बयान पर भड़के Javed Akhtar, दिया करारा जवाब!

Javed Akhtar reaction On Ali Zardari: पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं को वहां के मुसलमान बर्दाश्त कर रहे हैं। इसी मामले पर मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने भी आसिफ अली जरदारी की टिप्पणी की बेहद सख्त आलोचना की है।

Priya Singh Bisen
Published on: 16 Aug 2026 1:19 PM IST (Updated on: 16 Aug 2026 1:20 PM IST)
Javed Akhtar reaction On Ali Zardari
X

Javed Akhtar reaction On Ali Zardari

Javed Akhtar reaction On Ali Zardari: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का हिंदू अल्पसंख्यकों (Hindu Minorities) को लेकर दिया गया एक बयान इन दिनों गंभीर चर्चा में आ गया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं को वहां के मुसलमान बर्दाश्त कर रहे हैं। उनके इस बयान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मामले पर मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने भी आसिफ अली जरदारी की टिप्पणी की बेहद सख्त आलोचना की है।

जरदारी ने पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं को लेकर कहा कि वे उतने ही स्वतंत्र हैं, जितने वे कहीं और होते। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू उनके साथ रहने को प्राथमिकता देंगे। अपने बयान में उन्होंने पाकिस्तान के मुसलमानों को सहिष्णु (Tolerance) बताया और भारत के हिंदुओं के नजरिए को अलग बताया।

यौमे आजादी के कार्यक्रम में दिया बयान

आसिफ अली जरदारी ने यह बयान इस्लामाबाद में 14 अगस्त को आयोजित यादगार-ए-फतह विजय स्मारक समारोह में दिया। यह कार्यक्रम पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस (Pakistan Independence Day) के मौके पर आयोजित किया गया था।

यह स्मारक साल 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान की बताई गई जीत की याद में बनाया गया है। पाकिस्तान इस संघर्ष को ‘मरका-ए-हक’ यानी ‘सत्य की लड़ाई’ के नाम से संबोधित करता है।

कार्यक्रम में भाषण देते हुए जरदारी ने भारत और पाकिस्तान की राष्ट्रीय पहचान (National Identity) को लेकर दोनों देशों के नजरिए की तुलना की। उन्होंने भारत की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीयों का नजरिया अलग है और उनके दिमाग में अपना एजेंडा है। उन्होंने ‘अखंड भारत’ में विश्वास का भी जिक्र किया और कहा कि बीच में बहुत कुछ ऐसा है जिसे लोग भूल चुके हैं।

‘हम ऐसे मुसलमान हैं जो बर्दाश्त करते हैं’

अपने भाषण में आसिफ अली जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान के मुसलमानों की सोच सहन करने वाली है। इसके बाद पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में तकरीबन 3 से 4% हिंदू आबादी है और वे उतने ही स्वतंत्र तथा अच्छे हैं, जितने वे कहीं और थे।

जरदारी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान एक मुस्लिम देश है, लेकिन वहां की सोच ऐसी है जिसमें हिंदू आबादी को सहन किया जाता है। उनके बयान में ‘सहन’ शब्द सबसे अधिक चर्चा का विषय बना है। यह सवाल खड़ा किया जा रहा है कि जिस समुदाय के लोग लंबे वक़्त से किसी देश में रह रहे हों, उनके लिए ‘सहन करने’ जैसे शब्दों का प्रयोग किस तरह की सामाजिक सोच को दर्शाता है।

Javed Akhtar ने जरदारी की लगाई क्लास

आसिफ अली जरदारी के बयान पर जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (एक्स) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जरदारी की टिप्पणी को असंवेदनशील (Insensitive Statement) बताया और कहा कि किसी देश के अल्पसंख्यक समुदाय को ‘सहन करने’ की बात करना उचित नहीं है।

जावेद अख्तर ने अपनी प्रतिक्रिया में जरदारी पर निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति अपने देश की 3-4% हिंदू आबादी को सहन करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जरदारी उन लोगों के प्रति हमेशा असंवेदनशील रहे हैं, जिनकी संख्या 10% से कम है।

जावेद अख्तर की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर भी जरदारी के बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई। विवाद का मुख्य मुद्दा यही बना हुआ है कि किसी अल्पसंख्यक समुदाय की मौजूदगी को ‘सहन’ करने के रूप में पेश करना किस तरह देखा जाना चाहिए।

Pak में हिंदू आबादी को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े

आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 3-4% बताई है। हालांकि, पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स यानी पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (Pakistan Bureau of Statistics) की 2023 की आधिकारिक जनगणना में हिंदू आबादी को लेकर अलग आंकड़े दर्ज हैं।

आधिकारिक जनगणना के अनुसार, पाकिस्तान में 38,67,729 हिंदू दर्ज किए गए हैं। यह संख्या देश की कुल 24,04,58,089 आबादी का तकरीबन 1.61% है। इसके अलावा जनगणना में 13,49,487 लोगों को अनुसूचित जाति (Scheduled Castes) के तहत अलग से दर्ज किया गया है। यह संख्या पाकिस्तान की कुल आबादी का तकरीबन 0.56% है।

आंकड़ों और जरदारी के दावे में अंतर

यदि पाकिस्तान की 2023 की आधिकारिक जनगणना में दर्ज हिंदू और अनुसूचित जाति के दोनों आंकड़ों को एक साथ देखा जाए तो कुल संख्या 52,17,216 हो जाती है। यह पाकिस्तान की कुल जनगणना आबादी का लगभग 2.17% बैठती है।

इस तरह आधिकारिक जनगणना के आंकड़े भी आसिफ अली जरदारी की तरफ से बताए गए 3-4% के आंकड़े की पुष्टि नहीं करते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ हिंदू आबादी लगभग 1.61% है, जबकि हिंदू और अनुसूचित जाति के आंकड़ों को जोड़ने पर यह अनुपात लगभग 2.17% बनता है।

बयान ने खड़े किए कई सवाल

आसिफ अली जरदारी के बयान के बाद पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति और उनके प्रति प्रयोग की गई भाषा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर राष्ट्रपति ने हिंदुओं को स्वतंत्र और सुरक्षित होने की बात कही, वहीं दूसरी ओर उन्हें ‘सहन’ करने की बात ने उनके बयान को विवादों में ला दिया।

वहीं, जावेद अख्तर की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को भारत में भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल इस पूरे विवाद में एक तरफ राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बयान है, तो ओर तरफ पाकिस्तान की आधिकारिक जनगणना के आंकड़े और जावेद अख्तर की उस पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

Priya Singh Bisen
ABOUT THE AUTHOR

Priya Singh Bisen

Content Writer Mail ID - Priyasinghbisen96@gmail.comPriyasinghbisen96@gmail.com

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

Next Story