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दुनिया में महा-संकट! पेट्रोल-डीजल के बाद अब गैस की बारी, कतर में ईरान की भयंकर तबाही
Iran attack Qatar LNG gas field Update: ईरान के हमले से कतर की LNG सप्लाई पर बड़ा असर, दुनिया में गैस संकट गहराया। तेल के बाद अब गैस की कीमतों में उछाल तय, जानिए इस महाविनाश का वैश्विक असर।
Iran attack Qatar LNG gas field Update: पूरी दुनिया इस वक्त एक ऐसे महाविनाश के मुहाने पर खड़ी है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। बुधवार की रात इतिहास की सबसे खौफनाक रातों में से एक साबित हुई, जब इजरायल ने अमेरिकी मदद से ईरान के 'साउथ पार्स' पर हमला कर दिया। आपको बता दें कि साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस फील्ड है। इस हमले ने ईरान को इस कदर बौखला दिया है कि उसने खाड़ी के निर्दोष देशों पर मिसाइलों की बरसात कर दी है। ईरान ने इसे 'पूर्ण आर्थिक युद्ध' घोषित कर दिया है और इसका सबसे भयंकर प्रहार पड़ोसी देश कतर पर हुआ है।
कतर में तबाही का मंजर
ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने सीधे कतर के 'रास लाफान' इलाके को निशाना बनाया है, जो पूरी दुनिया की एलएनजी (LNG) सप्लाई की लाइफलाइन माना जाता है। कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी ने रोते हुए मीडिया को बताया कि रिफाइनरियों को इतना नुकसान पहुँचा है कि उन्हें ठीक करने में कम से कम 5 साल लग सकते हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, "मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि रमजान के पाक महीने में एक मुस्लिम देश हम पर इस तरह का आत्मघाती हमला करेगा।" कतर की एक रिफाइनरी पर गिरी मिसाइल ने पूरी दुनिया की एनर्जी सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
सऊदी अरब से कुवैत तक आसमान से बरस रही है मौत
ईरान का गुस्सा सिर्फ कतर तक सीमित नहीं रहा। ईरानी सरकारी मीडिया ने सरेआम धमकी दी है कि अब उनके निशाने पर सऊदी अरब और यूएई के तेल ठिकाने भी हैं। सऊदी अरब के यनबू में 'सैमरेफ रिफाइनरी' पर ड्रोन हमले की पुष्टि हुई है, जबकि कुवैत की 'मीना अल-अहमदी' रिफाइनरी में ड्रोन गिरने से भीषण आग लग गई है। वहीं, यूएई के सबसे बड़े 'हबशन गैस कॉम्प्लेक्स' पर भी मिसाइलें दागी गईं। हालांकि एयर डिफेंस ने इन्हें हवा में ही मार गिराया, लेकिन गिरते मलबे के कारण उत्पादन पूरी तरह ठप करना पड़ा है। खाड़ी देश इस वक्त चारों तरफ से आग की लपटों में घिरे हुए हैं।
भारत और एशिया पर टूटेगा महंगाई का पहाड़
यह खबर भारत सहित पूरे एशिया के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कतर की 80 प्रतिशत गैस सप्लाई एशिया के विकासशील देशों को होती है। जानकारों का कहना है कि अगर कतर से सप्लाई बंद रही, तो गैस की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। यूरोपीय बाजारों में गैस के दाम पहले ही 30 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जो पिछले कई सालों का सबसे उच्चतम स्तर है। आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बहुत जल्द 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली जाएगी, जिससे पूरी दुनिया में भयावह आर्थिक मंदी आ सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप का 'सुपर एक्शन'
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोर्चा संभाल लिया है। ट्रंप ने ईरान को सीधी और बेहद सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने कतर या किसी भी खाड़ी देश के गैस ठिकानों पर अगला हमला किया, तो अमेरिका 'साउथ पार्स' गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह करके मिट्टी में मिला देगा। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगा। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने और कतर में मची तबाही ने दुनिया को एक ऐसे 'गैस संकट' की ओर धकेल दिया है, जिससे उबरने में सालों लग सकते हैं।


