Quad Meeting 2026: आतंकवाद के खिलाफ सख्त और लगातार प्रयास जरूरी: क्वाड देशों का संदेश

Quad Meeting 2026: क्वाड देशों ने आतंकवाद, साइबर अपराध और ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क पर चिंता जताते हुए वैश्विक स्तर पर सख्त कार्रवाई की अपील की।

Newstrack/IANS
Published on: 26 May 2026 4:02 PM IST
Quad Meeting 2026
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Quad Meeting 2026: क्वाड देशों ने आंतकवाद के हर रूप और तरीके की निंदा की। मंगलवार को भारत की राष्ट्रीय राजधानी में संपन्न हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से भी निर्णायक और निरंतर प्रयास करने की अपील की गई।

मंगलवार को नई दिल्ली में क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि क्वाड दक्षिण-पूर्व एशिया और आस-पास के इलाकों में ऑनलाइन स्कैम सेंटर के बढ़ने को लेकर चिंतित है। ये एक देश तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि दूसरे देशों तक भी इनका प्रसार हो गया है। इन अपराधों में मानव तस्करी, ड्रग्स तस्करी, सेक्सुअल एक्सटॉर्शन, गैर-कानूनी फाइनेंसिंग और साइबर क्राइम के मामले भी शामिल हैं।

संयुक्त बयान में इन अपराधों का सामना करने के लिए सम्मिलित प्रयास और नियमों में सहयोग पर जोर दिया गया। इसका मकसद साझेदार देशों की क्षमता को बढ़ाने का है ताकि वे ऑनलाइन ठगी (स्कैम) सेंटरों और उनसे जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों से बेहतर तरीके से निपट सकें और उन्हें रोक सकें।

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने कहा, "वे विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं। भारत में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम और ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच में 14 दिसंबर 2025 को हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की। हम अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को और निरंतर और निर्णायक बनाने का आह्वान करते हैं।"

क्वाड देशों ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सख्त और निरंतर कार्रवाई जरूरी है, जिसमें वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकियों, उनके संगठनों, समर्थकों और फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ कदम शामिल हों।

उन्होंने यह भी कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर आतंकवाद से निपटने की क्षमता को मजबूत करेंगे, खासकर उन खतरों के खिलाफ जो नए तकनीकी साधनों के जरिए फैल रहे हैं।

इसके साथ ही क्वाड देशों ने दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑनलाइन ठगी केंद्रों के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई। ये नेटवर्क मानव तस्करी, ड्रग्स, यौन शोषण, अवैध वित्तीय गतिविधियों और साइबर अपराध जैसे कई अंतरराष्ट्रीय अपराधों से जुड़े हुए हैं।

क्वाड ने कहा कि वे कानून प्रवर्तन और नियामक सहयोग को मजबूत करेंगे ताकि इन अपराधों और ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क को रोका जा सके।

इसके अलावा, विदेश मंत्रियों एस जयशंकर, मार्को रूबियो, पेनी वोंग और तोशिमित्सु मोतेगी ने मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर चिंता जताई और किसी भी तरह की धमकी, दबाव या बल प्रयोग का विरोध किया।

संयुक्त बयान में कहा, "हम पूर्वी और दक्षिणी चीन सागर की परिस्थिति को लेकर चिंतित हैं। हम किसी भी तरह के दबाव, कार्रवाई या बल प्रयोग को क्षेत्रीय अखंडता और शांति के लिए ठीक नहीं मानते।"

इसमें आगे कहा गया, "हम खतरनाक और जोर-जबरदस्ती की कार्रवाइयों को लेकर फिक्रमंद हैं। जिसमें समुद्र के भीतर संसाधनों में दखल देना, नौवहन (जहाजों की आवाजाही) और हवाई उड़ानों को बार-बार रोकना शामिल है। इसके अलावा, सैन्य विमानों, तटरक्षक बलों और समुद्री मिलिशिया जहाजों के खतरनाक युद्धाभ्यास भी चिंता का विषय हैं, खासकर पानी की बौछार (वाटर कैनन) और फ्लेयर का असुरक्षित उपयोग सही नहीं है। जहाजों को टक्कर मारने या रास्ता रोकने जैसी हरकतें दक्षिण चीन सागर में हो रही हैं। हम विवादित क्षेत्रों के सैन्यकरण को लेकर भी चिंतित हैं।"

मंत्रियों ने पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की और कूटनीतिक प्रयासों को ही सही करार दिया। उन्होंने नेविगेशन अधिकारों के संबंध में 'यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी' (यूएनसीएलओएस) में बताए गए अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कमर्शियल जहाजों पर हमलों और टोल लगाने को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध बताया।

Akriti Pandey

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Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

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