Ebola Vaccine: रूस का दावा, इबोला के नए स्ट्रेन 'बुंडीबुग्यो' की वैक्सीन तैयार की

Ebola Vaccine: रूस ने इबोला वायरस के नए ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने का दावा किया है। तेजी से फैल रहे इबोला प्रकोप के बीच डब्ल्यूएचओ ने सैकड़ों संदिग्ध मामलों और मौतों पर चिंता जताई है।

Newstrack/IANS
Published on: 27 May 2026 11:39 AM IST
Ebola Virus
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Ebola Vaccine: रूस ने घोषणा की है कि उसके वैज्ञानिकों ने इबोला वायरस के एक नए स्ट्रेन के लिए एक नया टीका विकसित किया है। यह वही स्ट्रेन है जो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में फैला हुआ है। दक्षिण अफ्रीका में रूसी दूतावास ने मंगलवार (स्थानीय समय) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “रूसी वैज्ञानिकों ने इबोला के एक नए स्ट्रेन के खिलाफ एक वैक्सीन विकसित की है। इसकी जानकारी रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने दी। रूसी वैज्ञानिकों के अनुसार, यह वैक्सीन दुर्लभ बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के खिलाफ भी सुरक्षा दे सकती है, जो डीआरसी में फैला है।”

डब्ल्यूएचओ ने जताई गंभीर चिंता

इससे पहले 25 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) ने बताया था कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में तेजी से फैल रहे इबोला प्रकोप में अब तक 220 संदिग्ध मौतें हो चुकी हैं जबकि स्वास्थ्य अधिकारी इस महामारी को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने कहा था कि 101 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और दस लोगों की मौत की पुष्टि हुई है लेकिन असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। उन्होंने वर्चुअल बैठक में कहा था, “अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले और 220 संदिग्ध मौतें सामने आ चुकी हैं।”

यह प्रकोप 17 मई को एक अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया था। अब यह पड़ोसी देश युगांडा तक भी फैल चुका है, जहां पांच कन्फर्म केस और एक मौत दर्ज की गई है। मंगलवार को डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने बताया कि यह प्रकोप अभी शुरुआती चरण में है लेकिन संक्रमण और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में करीब 1000 संदिग्ध मामलों की पहचान की है, जिनमें से 101 की पुष्टि हो चुकी है।

बुंडीबुग्यो स्ट्रेन को लेकर बढ़ी चिंता

काम्बा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह प्रकोप बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के कारण हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्ट्रेन जैरेस्ट्रेन की तुलना में कम घातक है लेकिन अगर संक्रमण बढ़ता रहा तो यह फिर भी बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। अभी तक इस स्ट्रेन के लिए कोई मंजूर वैक्सीन या खास इलाज मौजूद नहीं है। डब्‍ल्‍यूएचओ के अनुसार, इबोला एक गंभीर और अक्सर जानलेवा बीमारी है, जो इंसानों और दूसरे प्राइमेट्स को प्रभावित करती है। यह वायरस आमतौर पर जंगली जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसके बाद यह इंसानों में सीधे संपर्क के जरिए फैलता है। इबोला में औसतन मृत्यु दर लगभग 50 प्रतिशत होती है।

Vineeta Pandey

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Vineeta Pandey is an News Publisher at Newstrack.com.

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