रूस में पुतिन का दबदबा कायम! बहुमत इतनी कि अब संविधान तक बदलने की ताकत, ड्यूमा में मिला सुपरमेजॉरिटी

रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया ने 455 में से 355 सीटों पर जीत दर्ज की है।

Sachin Singh
Published on: 21 Sept 2026 8:39 PM IST (Updated on: 21 Sept 2026 8:39 PM IST)
रूस में पुतिन का दबदबा कायम! बहुमत इतनी कि अब संविधान तक बदलने की ताकत, ड्यूमा में मिला सुपरमेजॉरिटी
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Vladimir Putin: रूस में तीन दिन तक चले संसदीय चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर दिया है। पुतिन की पार्टी United Russia ने 455 सदस्यीय ड्यूमा में 355 सीटों पर जीत दर्ज की है। चुनाव प्रमुख एला पामफिलोवा ने सोमवार को नतीजों की घोषणा की।

इन नतीजों के साथ United Russia को ड्यूमा में सुपरमेजॉरिटी मिल गई है। ड्यूमा रूस की फेडरल असेंबली का निचला सदन है। दिए गए विवरण के मुताबिक, यह बहुमत इतना बड़ा है कि जरूरत पड़ने पर संविधान में बदलाव के लिए भी रास्ता खुल सकता है। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद रूस में यह पहला संसदीय चुनाव था।

59 फीसदी से ज्यादा मतदान

मॉस्को में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव प्रमुख एला पामफिलोवा ने मतदान करने वाले लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि चुनाव में 59 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ। पामफिलोवा ने कहा कि देश में बने 'मनोवैज्ञानिक दबाव' के बावजूद लोगों ने मतदान किया। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन स्थिति के बावजूद चुनावों की सुरक्षा को अधिकतम स्तर तक सुनिश्चित करने में सफलता मिली।

United Russia को 57.83 फीसदी वोट

चुनाव में United Russia को कुल 57.83 प्रतिशत वोट मिले। 2021 के चुनाव में पार्टी को 49.8 प्रतिशत वोट मिले थे। इस बार वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इन नतीजों को रूस के राष्ट्रपति के आसपास समाज के उच्च स्तर के एकजुट होने का संकेत बताया।

संवैधानिक बदलावों की मिली ताकत

United Russia की इस जीत से पुतिन की सरकार को संसद में पहले के मुकाबले और मजबूत स्थिति मिली है। ड्यूमा में 355 सीटों के साथ पार्टी के पास कानून और संवैधानिक बदलावों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों के लिए बड़ा बहुमत है।

दूसरी पार्टियों का क्या रहा हाल?

चुनाव में Communist Party of the Russian Federation यानी CPRF दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। उसे 40 सीटें मिलीं और उसका वोट शेयर 13.8 प्रतिशत रहा। वहीं Liberal Democratic Party of Russia यानी LDPR को 25 सीटें मिलीं। पार्टी को 8.99 प्रतिशत वोट मिले।

New People Party यानी NPP ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की और उसे 7.96 प्रतिशत वोट मिले। इन आंकड़ों के मुकाबले United Russia की 355 सीटों की जीत काफी बड़ी है और ड्यूमा में पार्टी की स्थिति स्पष्ट रूप से मजबूत हुई है।

पुतिन के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?

चुनाव में United Russia की 355 सीटों की जीत ने पुतिन के नेतृत्व वाली सरकार की संसद में स्थिति को और मजबूत कर दिया है। पार्टी को इस बार 57.83 प्रतिशत वोट मिले, जबकि पिछली बार उसका वोट शेयर 49.8 प्रतिशत था।

यूक्रेन युद्ध के बीच हुए इन चुनावों में बड़ी जीत के बाद रूस की सत्ता और संसद के बीच राजनीतिक तालमेल और मजबूत दिखाई देता है। ड्यूमा में सुपरमेजॉरिटी के कारण सरकार के पास बड़े फैसलों को आगे बढ़ाने के लिए पहले से ज्यादा संसदीय समर्थन मौजूद है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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