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Russia Oil Supply: रूस का तेल फिर यूक्रेन के रास्ते यूरोप पहुंचने लगा है। ड्रुज्बा पाइपलाइन चालू होने से ऊर्जा संकट और यूरोपीय राजनीति में बड़ा बदलाव आया है।
Russia Oil Supply
Russia Oil Supply: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया में तेल और गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है। खासतौर पर Strait of Hormuz में चल रही नाकेबंदी ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। इसी बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है—कई महीनों तक बंद रहने के बाद रूस का तेल फिर से यूक्रेन के रास्ते यूरोप पहुंचना शुरू हो गया है।
ड्रुज्बा पाइपलाइन फिर हुई चालू
रूस से यूरोप तक तेल पहुंचाने वाली अहम Druzhba pipeline अब दोबारा चालू हो गई है। यह पाइपलाइन यूक्रेन के हिस्से में हुए नुकसान और ड्रोन हमलों के कारण लंबे समय से बंद पड़ी थी। लेकिन बुधवार सुबह से इसमें फिर से तेल की सप्लाई शुरू हो गई है। इससे यूरोप में ऊर्जा संकट कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यूक्रेन के लिए आई राहत भरी खबर
इस घटनाक्रम से यूक्रेन के लिए भी अच्छी खबर सामने आई है। हंगरी की प्रमुख तेल कंपनी MOL Group ने पुष्टि की है कि यूक्रेन ने पाइपलाइन चालू होने की जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार, जल्द ही तेल की पहली खेप हंगरी और स्लोवाकिया तक पहुंच सकती है। यह घटनाक्रम यूक्रेन की आर्थिक स्थिति के लिए भी अहम माना जा रहा है।
यूरोपीय राजनीति में बड़ा बदलाव
तेल सप्लाई बहाल होने का असर यूरोपीय राजनीति पर भी साफ दिखा है। European Union में लंबे समय से अटका 90 अरब यूरो का कर्ज पैकेज अब आगे बढ़ गया है। हंगरी, जो इस पैकेज पर वीटो लगाए हुए था, उसने अब अपना विरोध वापस ले लिया है। इससे यूक्रेन को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
हंगरी की राजनीति में बदलाव का असर
हंगरी और स्लोवाकिया दोनों ही रूस के तेल पर काफी निर्भर हैं, इसलिए पाइपलाइन बंद होने से इन देशों पर दबाव बढ़ गया था। हंगरी के प्रधानमंत्री Viktor Orbán पहले रूस के प्रति नरम रुख रखते थे, जिसके चलते उन्होंने यूक्रेन को मदद देने का विरोध किया था। लेकिन हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद नई नेतृत्व टीम ने संकेत दिया है कि अब वह यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक सहायता में बाधा नहीं बनेगी।


