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सऊदी अरब पर हूतियों का सबसे बड़ा हमला? रक्षा मंत्रालय से तेल रिफाइनरी तक मचा हड़कंप!
सऊदी अरब पर हूती हमलों का दावा, रियाद स्थित रक्षा मंत्रालय, सैन्य एयरबेस और रास तनुरा तेल रिफाइनरी निशाने पर। जानें ताजा अपडेट और पूरे घटनाक्रम की जानकारी।
Saudi Arabia attack, Riyadh News: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रक्षा मंत्रालय पर हमले का हूतियों का दावा, सैन्य ठिकानों और दुनिया के प्रमुख तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय, सैन्य ठिकानों और रास तनुरा तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि, सऊदी अरब ने रक्षा मंत्रालय और रिफाइनरी पर हमले के इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रियाद में रक्षा मंत्रालय पर हमले का दावा
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित रक्षा मंत्रालय पर हमला किया है। इस दावे को क्षेत्र में जारी संघर्ष के और गंभीर होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि मंत्रालय को कोई नुकसान पहुंचा है या नहीं। हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार, नुकसान और संभावित हताहतों के बारे में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
हूतियों ने इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में नज़रान हवाई अड्डे पर खड़े दो सैन्य परिवहन विमानों और खमिस मुशैत स्थित एक एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया। यदि इन दावों की पुष्टि होती है, तो यह सऊदी अरब के सैन्य बुनियादी ढांचे पर एक साथ कई स्थानों पर दबाव बनाने की कोशिश मानी जाएगी।
रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर हमले का दावा, आग लगने की खबर
हूतियों ने सऊदी अरब की प्रमुख तेल रिफाइनरी रास तनुरा पर भी हमले का दावा किया। संगठन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लग गई।
हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस हमले की पुष्टि नहीं की। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले से परिचित व्यक्ति के हवाले से बताया गया कि मंगलवार तड़के रास तनुरा तेल टर्मिनल के पास लगी आग पर काबू पा लिया गया था। लेकिन इस रिपोर्ट से यह साबित नहीं होता कि आग हूतियों के हमले के कारण लगी थी।
रास तनुरा सऊदी अरब के ऊर्जा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां लंबे समय तक परिचालन बाधित होने से तेल निर्यात, आपूर्ति व्यवस्था और खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
सऊदी तेल निर्यात के लिए क्यों अहम है रास तनुरा?
सऊदी अरब अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा खाड़ी तट पर स्थित रास तनुरा और लाल सागर के तट पर स्थित यानबू जैसे प्रमुख निर्यात केंद्रों के माध्यम से भेजता है।
हूती विद्रोही पहले भी यानबू को निशाना बनाने का दावा कर चुके हैं। ऐसे में सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और आपूर्ति पर वास्तविक असर हमले से हुए नुकसान, परिचालन में रुकावट और उसकी अवधि पर निर्भर करेगा।
इस घटनाक्रम ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। ये दोनों मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं।
बाब अल-मंदेब के पास भी संघर्ष का दावा
सऊदी अरब के भीतर कथित हमलों की घोषणा से पहले हूतियों ने दावा किया था कि उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से से आगे बढ़ रही उन सेनाओं को पीछे धकेल दिया, जिन्हें उन्होंने सऊदी समर्थित बताया।
हूतियों के अनुसार, उन्होंने आगे बढ़ रही सेना के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। संगठन ने बड़े पैमाने पर हताहत होने और कई सैन्य वाहनों को नष्ट करने का भी दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यूरोप और एशिया के बीच समुद्री व्यापार के लिए यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां संघर्ष बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और व्यापार पर दबाव बढ़ने की आशंका हो सकती है।
ईरान, अमेरिका और इजरायल से जुड़े व्यापक संघर्ष के बीच बढ़ा तनाव
रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर से सऊदी अरब पर हूतियों के हमलों में तेजी आई है। यह घटनाक्रम ईरान, अमेरिका और इजरायल से जुड़े व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष के बीच सामने आया है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोही यमन के लंबे गृहयुद्ध में सक्रिय रहे हैं और अतीत में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ उनका संघर्ष हो चुका है। ताजा दावे सही साबित होने पर सऊदी अरब को अपने सैन्य ठिकानों, हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और मजबूत करनी पड़ सकती है।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि क्या रियाद स्थित रक्षा मंत्रालय या सैन्य ठिकानों को वास्तव में नुकसान पहुंचा है और क्या रास तनुरा में लगी आग का संबंध किसी हमले से था। इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि के बाद ही नुकसान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव का सही आकलन किया जा सकेगा।
हालांकि हूतियों ने कई ठिकानों पर हमले का दावा किया है, लेकिन सऊदी अरब की ओर से सभी दावों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए दावों और सत्यापित घटनाओं के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।


