Pakistan Terrorism Allegations: पड़ोसी देशों को नुकसान पहुंचाने के लिए आतंकवाद को शय देती है पाक सेना, सिंधी नेता का बड़ा दावा

Pakistan Terrorism Allegations: सिंधी नेता शफी बुरफत ने पाकिस्तानी सेना पर आतंकवाद, कट्टरता और लोकतंत्र को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ी है।

Newstrack/IANS
Published on: 11 May 2026 2:18 PM IST (Updated on: 11 May 2026 2:18 PM IST)
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Pakistan Terrorism Allegations: भारत बरसों से पाकिस्तान पर आतंकवाद और उग्रवाद के बूते पड़ोसी मुल्कों को अस्थिर करने की कोशिशों का खुलासा करता आया है। ऐसा ही कुछ जेय सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) के चेयरमैन शफी बुरफत ने कहा है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर लंबे समय से धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के राजनीतिक, आर्थिक, विचारधारा और सामाजिक क्षेत्रों पर मिलिट्री का लगातार दबदबा दक्षिण एशिया में लोकतंत्र, क्षेत्रीय शांति और लंबे समय की स्थिरता के लिए खतरा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बुरफत ने कहा, "बार-बार चुने हुए प्रतिनिधियों को हटाकर, राजनीतिक नेताओं को फांसी देकर, असहमति जताने वालों को जेल में डालकर और देश निकाला देकर, और बिना चुने हुए कठपुतली शासकों को बिठाकर, सेना लगातार पर्दे के पीछे से काम करती आई है। उसका राजनीति, मीडिया, न्यायपालिका और अर्थव्यवस्था के बड़े क्षेत्रों में पूरा दखल है।"

उन्होंने आगे कहा, "इस वजह से, मिलिट्री चीफ ने बार-बार नाटकीय बयानबाजी, आक्रामक भाषणों, ताकत का बढ़ा-चढ़ाकर प्रदर्शन और धार्मिक राष्ट्रवाद में निहित मनगढ़ंत विचारधारा के दावों के जरिए खुद को विजेता के तौर पर दिखाने की कोशिश की है।"

पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को निशाने पर लेते हुए बुरफत ने कहा कि मुनीर के “भावनात्मक रूप से उग्र अति-राष्ट्रवादी नारे, परमाणु धमकियां, और पड़ोसी देशों के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी” रणनीतिक आत्मविश्वास या जिम्मेदार सैन्य नेतृत्व की छवि को प्रदर्शित नहीं करते।

उन्होंने कहा कि ऐसे भाषण एक "मिलिटराइज्ड स्टेट स्ट्रक्चर" (सेना के प्रभाव वाली राष्ट्रीय व्यवस्था) के आंतरिक विरोधाभासों, राजनीतिक कमजोरियों और गहन असुरक्षा को सामने लाते हैं, जिसने लंबे समय से "डर, कृत्रिम धार्मिक राष्ट्रवाद, स्थायी संघर्ष और वैचारिक हेरफेर" को अपना दबदबा बनाए रखने के लिए एक टूल के तौर पर इस्तेमाल किया है।

पाकिस्तान को एक "अननेचुरल स्टेट स्ट्रक्चर" (बनावटी व्यवस्था) बताते हुए, सिंधी नेता ने आरोप लगाया कि देश के भ्रष्ट सैन्य प्रतिष्ठान ने चुने हुए प्रतिनिधियों को हटाकर, चुनावों में हेरफेर करके और असहमति को दबाकर बार-बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया है।

उन्होंने आगे दावा किया कि सेना अहम सरकारी और न्यायिक फैसले को नियंत्रित करती है, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों को डराती है, राजनीतिक विरोधियों को जेल में डालती है, और आज्ञाकारी राजनीतिक गुटों और चुनी गई सरकार को अपने नियंत्रण में रख अपरोक्ष रूप से शासन करती है।

बुरफत ने कहा, "विश्व बिरादरी जानती है कि पाकिस्तान में लोकतांत्रिक आवाजों- जिनमें पत्रकार, विद्यार्थी, बुद्धिजीवी, राजनीतिक प्रतिद्वंदि, और राष्ट्रीय अधिकार समर्थक शामिल हैं- सरकारी एजेंसियों के लगातार दबाव में सेंसरशिप, जेल, जबरदस्ती गायब किए जाने, यातना, सियासी धमकी, और बोलने की आजादी पर पाबंदियों का सामना कर रही हैं।"

उन्होंने कहा कि भ्रष्ट पाकिस्तानी मिलिट्री "कठपुतली शासकों" के जरिए संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करती रहती है, जिससे स्थानीय समुदाय हाशिए पर और दबे हुए रह जाते हैं, जबकि कोर्ट, मीडिया संस्थान और चुने हुए प्रतिनिधि "सेना के दबाव" में रहते हैं।

बुरफत ने कहा, "बड़े पैमाने पर ऐतिहासिक सबूत दिखाते हैं कि पाकिस्तान की सैना ने न सिर्फ चरमपंथी और आतंकवादी गुटों को संरक्षण दिया है, बल्कि पड़ोसी देशों के खिलाफ इलाके में अस्थिरता पैदा करने के लिए बार-बार उनका इस्तेमाल किया है।"

सिंधी नेता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय कानून के रक्षकों से पाकिस्तानी सेना की कमान संभाल रहे लोगों के "गैर-जिम्मेदाराना बयानों, आक्रामक बयानों और खतरनाक इरादों" पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।

Akriti Pandey

Akriti Pandey

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