'बांग्लादेश लौटीं तो मौत तय...!' Sheikh Hasina की घर वापसी के ऐलान के बाद NCP की बड़ी धमकी, मची सियासी हलचल

Bangladesh Politics: NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा कि अगर शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो उन्हें सिर्फ अदालत द्वारा सुनाई गई सजा का सामना करने के लिए लौटना चाहिए।

Priya Singh Bisen
Published on: 12 July 2026 10:38 AM IST (Updated on: 12 July 2026 10:38 AM IST)
Sheikh Hasina
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Bangladesh Politics: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के दिसंबर में देश वापस लौटने की संभावित योजना ने वहां की राजनीति में नई हलचल मचा कर रख दी है। उनके एक हालिया इंटरव्यू के बाद सत्ता पक्ष, विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों के बीच तगड़ी बयानबाजी शुरू हो गई है। जहां नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने दावा किया है कि यदि शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो उन्हें अदालत के निर्णय के मुताबिक उन्हें मौत की सजा का सामना करना चाहिए, वहीं विपक्षी दलों ने पूरे मामले को कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत आगे बढ़ाने की बात कही है।

दिसंबर में लौट सकती हैं Sheikh Hasina

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शेख हसीना ने एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह दिसंबर में अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि देश लौटने के बाद वह संबंधित अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने पर विचार कर सकती हैं। उनके इस बयान के सामने आते ही बांग्लादेश की राजनीति में बहस तेज हो गई और विभिन्न दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।

NCP ने की मौत की सजा लागू करने की मांग

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा कि अगर शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो उन्हें सिर्फ अदालत द्वारा सुनाई गई सजा का सामना करने के लिए लौटना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अदालत का निर्णय पहले ही आ चुका है और अब सरकार की जिम्मेदारी है कि कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाओं के आधार पर ही उन्हें वापस लाया जाए तथा न्यायिक आदेश का पालन कराया जाए। नाहिद इस्लाम का कहना है कि यह निर्णय सिर्फ शेख हसीना तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जिन लोगों के खिलाफ अदालत ने ऐसे फैसले दिए हैं, उन सभी मामलों में समान रूप से कानून का पालन होना चाहिए।

सरकार पर बढ़ा दबाव

NCP की तरफ से यह भी कहा गया कि शेख हसीना कब और किस तरह बांग्लादेश लौटेंगी, इसका निर्णय वह स्वयं नहीं कर सकतीं। पार्टी का कहना है कि यह पूरी तरह बांग्लादेश सरकार का विषय है और अगर ज़रूरी हो तो सरकार को इस मामले में भारत के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करनी चाहिए।

पार्टी नेताओं ने सरकार से मांग की कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए ताकि न्यायिक फैसले को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

BNP ने कानूनी प्रक्रिया पर दिया जोर

दूसरी तरफ, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता रूहुल कबीर रिजवी ने कहा कि पूरे मामले का समाधान अदालत और कानून के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शेख हसीना के खिलाफ पहले से कई मामले अदालत में लंबित हैं और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

रिजवी ने कहा कि जुलाई 2024 की हिंसा और उससे जुड़े मामलों में अदालत ने पहले ही निर्णय सुनाया है, जबकि अन्य मामलों की सुनवाई भी जारी है। उनके मुताबिक, किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी तय करना अदालत का अधिकार है और अंतिम निर्णय न्यायपालिका को ही लेना चाहिए।

Jamaat-e-Islami ने जताई साजिश की आशंका

उधर, बांग्लादेश Jamaat-e-Islami के नेताओं ने शेख हसीना के बयान पर अलग प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के महासचिव मिया गुलाम परवार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का यह ऐलान किसी बड़े राजनीतिक एजेंडे या रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

उन्होंने दावा किया कि इस बयान के पीछे कोई "अंदरूनी राजनीतिक योजना" हो सकती है, जिसकी पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, उन्होंने इस से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।

राजनीतिक माहौल हुआ और गर्म

शेख हसीना के संभावित वापसी के बयान ने बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर ध्रुवीकरण बढ़ा दिया है। एक तरफ उनके समर्थक उनकी वापसी को राजनीतिक पुनर्गठन की कोशिश मान रहे हैं, वहीं विरोधी दल इसे न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शेख हसीना वास्तव में दिसंबर में बांग्लादेश लौटती हैं, तो इसका बड़ा प्रभाव देश की राजनीति, कानून-व्यवस्था और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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