Sweden Birth Rate: चुनाव से पहले स्वीडन सरकार का बड़ा दांव, IVF खर्च उठाने का ऐलान

Sweden Birth Rate: स्वीडन में घटती जन्मदर को लेकर चिंता बढ़ी। प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने चुनावों में आईवीएफ को बड़ा मुद्दा बनाने का वादा किया। सरकार अब अधिक बच्चों के लिए भी IVF सहायता पर विचार कर रही है।

Newstrack/IANS
Published on: 25 May 2026 4:29 PM IST
Sweden Birth Rate
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Sweden Birth Rate (Image Credit-Social Media)

Sweden Birth Rate: खुशहाल देशों की लिस्ट में चौथे नंबर पर काबिज स्वीडन गिरते जन्मदर से परेशान है। यही वजह है कि देश के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने आगामी चुनावों का अहम मुद्दा आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) को बनाने का वादा किया है।

स्वीडिश सरकार ने हाल ही में पहली बार माता-पिता बनने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए राज्य द्वारा वित्तपोषित आईवीएफ प्रयासों की संख्या तीन से बढ़ाकर छह कर दी।

अब क्रिस्टर्सन ने कहा है कि यदि उनका दल मॉडरेट पार्टी सितंबर में होने वाले आम चुनाव में सत्ता में बनी रहती है, तो सरकार दूसरे या अतिरिक्त बच्चों के लिए भी आईवीएफ का खर्च वहन करेगी। उनकी अल्पमत गठबंधन सरकार को दक्षिणपंथी स्वीडन डेमोक्रेट्स का समर्थन प्राप्त है।

यह ऐलान ऐसे समय में किया गया जब आधिकारिक आंकड़ों ने तस्वीर स्पष्ट की। बताया कि स्वीडन की प्रजनन दर पिछले वर्ष घटकर 1.42 रह गई, जो 1749 से रिकॉर्ड शुरू होने के बाद सबसे कम है।

ब्रिटिश अखबार द गार्डियन ने क्रिस्टर्सन के हालिया पॉडकास्ट के हवाले से इसकी जानकारी दी। स्वीडिश पीएम ने साक्षात्कार के दौरान कहा, “यह ऐसा स्तर है जो हमने स्वीडन में पहले कभी नहीं देखा। इससे मुझे सोचने पर मजबूर होना पड़ा। हो सकता है कि बहुत से लोग बच्चे नहीं चाहते हों, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि काफी लोग ऐसे भी हैं जो वास्तव में बच्चे चाहते हैं लेकिन उन्हें हासिल नहीं कर पा रहे हैं।”

नए कानून के तहत पहली संतान के लिए छह बार मुफ्त आईवीएफ की सुविधा मिलेगी, लेकिन अतिरिक्त बच्चों के लिए यह सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। एक बार के आईवीएफ प्रयास की लागत लगभग 50,000 स्वीडिश क्रोनर (करीब 3,975 पाउंड) है।

अतिरिक्त बच्चों के लिए भी आईवीएफ सहायता देने के चुनावी वादे पर उन्होंने कहा, “एक बच्चा होना गलत नहीं है, लेकिन बहुत से लोग जो एक बच्चा रखते हैं, वे चाहते हैं कि उसका एक भाई या बहन भी हो।”

उन्होंने यह भी कहा कि वह “यह तय करने में बिल्कुल दखल नहीं देना चाहते कि हर परिवार में कितने बच्चे होने चाहिए," क्योंकि यह “बहुत निजी मामला” है।

पड़ोसी देश नॉर्वे की तरह, सरकार ने जन्मदर में गिरावट को पलटने के तरीकों पर एक अध्ययन शुरू कराया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो हर नई पीढ़ी अपने माता-पिता की पीढ़ी से लगभग एक-तिहाई छोटी हो जाएगी।

Shweta Srivastava

Shweta Srivastava

News Publisher Mail ID - aqua_shweta2000@yahoo.co.in

मैं श्वेता श्रीवास्तव 15 साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव रखतीं हूँ। मैंने अपने करियर की शुरुआत एक रिपोर्टर के तौर पर की थी। पिछले 9 सालों से डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्यरत हूँ। इस दौरान मैंने मनोरंजन, टूरिज्म और लाइफस्टाइल डेस्क के लिए काम किया है। इसके पहले मैंने aajkikhabar.com और thenewbond.com के लिए भी काम किया है। साथ ही दूरदर्शन लखनऊ में बतौर एंकर भी काम किया है। मैंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एंड फिल्म प्रोडक्शन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। न्यूज़ट्रैक में मैं लाइफस्टाइल और टूरिज्म सेक्शेन देख रहीं हूँ।

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