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Indian Tourists Viral Hotel Warning: 'बालकनी में न चिल्लाएं, बुफे से खाना न ले जाएं', भारतीय मेहमानों के लिए होटल की चेतावनी हुई वायरल
Swiss Hotel Warning for Indian Tourists 2026: स्विट्जरलैंड के होटल में भारतीय मेहमानों के लिए नियमों का नोटिस वायरल, हर्ष गोयनका की पोस्ट के बाद सिविक सेंस पर बहस तेज।
Swiss Hotel Warning for Indian Tourists 2026
Swiss Hotel Warning for Indian Tourists 2026: आज के दौर में विदेशों में पढ़ाई करना या घूमने जाना एक ट्रेंड बन गया है। यही वजह है कि विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जब हम विदेशी धरती पर जाते हैं तब सिर्फ उस देश के रंग ढंग और लाइफ़ स्टाईल को ही नहीं अनुभव कर रहे होते हैं बल्कि अपने आचार-व्यवहार से अपने देश की गरिमा और सम्मान को रिप्रेजेंट करने का माध्यम भी होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि विदेशी धरती पर हमारा व्यवहार भी वैश्विक मानकों के अनुरूप है? इसी सवाल को लेकर उद्योगपति हर्ष गोयनका की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने स्विट्जरलैंड के एक होटल में भारतीय मेहमानों के लिए लगाई गई नियमों की सूची साझा करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक ताकत बनने के साथ-साथ अपने सिविक सेंस और सार्वजनिक व्यवहार पर भी ध्यान देने की जरूरत है। हर्ष गोयनका की यह पोस्ट सिर्फ एक होटल के नोटिस तक सीमित नहीं है। यह उस व्यापक मुद्दे की ओर इशारा करती है कि भारत जैसे तेजी से उभरते देश के नागरिकों को वैश्विक मंच पर अपनी पहचान केवल उपलब्धियों से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से भी बनानी होगी। भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के साथ यह अपेक्षा भी बढ़ रही है कि भारतीय जहां भी जाएं, वहां अपनी सकारात्मक छाप छोड़ें।
हर्ष गोयनका की पोस्ट ने छेड़ी नई बहस
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सक्रिय रहने वाले आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने हाल ही में एक ऐसी पोस्ट शेयर की, जिसने भारतीय पर्यटकों के व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने स्विट्जरलैंड के एक होटल में देखे गए नोटिस का जिक्र किया, जिसमें विशेष रूप से भारतीय मेहमानों के लिए कुछ नियम लिखे गए थे।
होटल के नोटिस में क्या-क्या लिखा था?
होटल द्वारा लगाए गए इस नोटिस में मेहमानों को बुफे से खाना अपने साथ न ले जाने, होटल की बालकनी या कॉरिडोर में जोर-जोर से बात या चिल्लाने से बचने और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी गई थी। हर्ष गोयनका ने कहा कि इस तरह का नोटिस देखकर उन्हें हैरानी हुई, लेकिन यह हमारे सामाजिक व्यवहार पर गंभीरता से सोचने का अवसर भी देता है।
वायरल वीडियो और सार्वजनिक व्यवहार पर उठाए सवाल
गोयनका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि आजकल रेस्टोरेंट में गरबा करने, एयरपोर्ट पर तेज आवाज में बातचीत करने या विमान के केबिन को पिकनिक स्पॉट की तरह इस्तेमाल करने वाले वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं। उनके अनुसार, ऐसे व्यवहार से भारतीयों की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित होती है और कई बार दूसरे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
दावोस का किस्सा भी किया साझा
उद्योगपति ने दावोस का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वहां एक भारतीय कारोबारी ने क्लब में इतनी तेज आवाज में पंजाबी संगीत बजाया कि उसकी गूंज पूरे इलाके में सुनाई दे रही थी। आयोजकों ने इसे भारतीय 'सॉफ्ट पावर' का प्रदर्शन माना, लेकिन इससे आसपास मौजूद कई लोग परेशान हो गए थे।
जापान का उदाहरण देकर दी सीख
हर्ष गोयनका ने कहा कि जापान ने अपनी अनुशासनप्रियता, स्वच्छता और दूसरों के प्रति सम्मान के बल पर पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाई है। उनका मानना है कि यदि भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित होना है तो नागरिकों के व्यवहार और सिविक सेंस में भी सुधार जरूरी है।
देश की छवि केवल अर्थव्यवस्था से नहीं बल्कि संस्कारों से बनती है
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी देश की पहचान केवल उसकी आर्थिक ताकत, तकनीकी विकास या सैन्य शक्ति से नहीं होती। विदेशों में उसके नागरिक कैसे व्यवहार करते हैं, यह भी उस देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है। यही वजह है कि कई देशों में पर्यटकों से स्थानीय नियमों और संस्कृति का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है।
विदेश यात्रा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
यात्रा विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश में यात्रा करते समय सार्वजनिक स्थानों पर शोर-शराबे से बचना, होटल और पर्यटन स्थलों के नियमों का पालन करना, कतारों का सम्मान करना और दूसरों की निजता का ध्यान रखना अच्छी यात्रा संस्कृति का हिस्सा माना जाता है। ये छोटी-छोटी बातें भारतीय पर्यटकों की सकारात्मक छवि बनाने में मदद कर सकती हैं।


