तिब्बत में फिर कांपी धरती! 4.5 तीव्रता के भूकंप से दहशत, पहले आए 7.0 के झटकों में 16 की मौत

Tibet Earthquake: तिब्बत में शनिवार सुबह 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। इससे पहले 7.0 तीव्रता के भूकंप में 16 लोगों की मौत और 65 लोग घायल हुए थे। 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित भेजा गया।

Aditya Kumar Verma
Published on: 24 Oct 2026 7:25 AM IST
Tibet Earthquake | 4.5 Magnitude
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Tibet Earthquake: तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। शनिवार सुबह करीब 5:38 बजे भारतीय समयानुसार तिब्बत में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। तड़के आए इन झटकों के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Centre for Seismology) की ओर से भूकंप की जानकारी दी गई है।

इससे पहले गुरुवार यानी 22 अक्टूबर की रात तिब्बत में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इस भूकंप ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई और अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 65 लोग घायल बताए गए हैं।

रात में आए 7.0 के झटकों से भारी नुकसान

वहीं तिब्बत में गुरुवार रात करीब 10:33 बजे भी 7.0 तीव्रता का भूकंप (7.0 Magnitude Earthquake) आया था। इस भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर के बाचेन काउंटी इलाके में बताया गया है। भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में हालात बिगड़ गए और 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया।

भूकंप के तेज झटकों के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए इमारतों से बाहर भागते हुए दिखाई दिए। कई जगहों पर मलबा गिरने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) में लोगों को इमारतों से बाहर निकलते और अलग-अलग जगहों पर मलबा गिरते हुए देखा गया।

मुख्य भूकंप के बाद भी जारी हैं झटके

चीन के भूकंप निगरानी केंद्र के मुताबिक मुख्य भूकंप के बाद अब तक 413 छोटे झटके दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद शनिवार सुबह 4.5 तीव्रता का नया भूकंप आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर (China Earthquake Networks Center) के मुताबिक 7.0 तीव्रता वाले भूकंप का केंद्र नागचू के बाचेन काउंटी इलाके में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। भूकंप की गहराई कम होने की वजह से इसके झटकों का असर प्रभावित क्षेत्र में ज्यादा महसूस किया गया।

धर्मशाला में पीड़ितों के लिए कैंडल लाइट प्रार्थना

तिब्बत के नागचू यानी नाकचू क्षेत्र में आए इस विनाशकारी भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैकलॉडगंज में कैंडल लाइट प्रार्थना सभा आयोजित की गई।

तिब्बती यूथ कांग्रेस (Tibetan Youth Congress) की ओर से आयोजित इस प्रार्थना सभा में भूकंप पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की गई।

नागचू में क्यों ज्यादा महसूस हुए झटके?

नागचू उत्तरी तिब्बत का एक हाई एल्टीट्यूड एरिया (High Altitude Area) है। यह इलाका काफी ऊंचाई पर स्थित है और यहां आबादी भी कम है। नागचू तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर है।

ऐसे में इस इलाके में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद लगातार छोटे झटके महसूस किए जाने से लोगों में दहशत बनी हुई है। गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद अब तक सैकड़ों आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) दर्ज किए जा चुके हैं और शनिवार सुबह आए 4.5 तीव्रता के नए झटके ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया है।

Aditya Kumar Verma
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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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