'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' अब अमेरिका का नया Territory! ट्रंप के दावे से पूरे पश्चिम एशिया में मची खलबली

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक मैप शेयर किया, जिसमें 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अमेरिका का नया क्षेत्र बताया है।

Sachin Singh
Published on: 18 Aug 2026 6:09 PM IST (Updated on: 18 Aug 2026 6:22 PM IST)
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब अमेरिका का नया Territory! ट्रंप के दावे से पूरे पश्चिम एशिया में मची खलबली
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Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे टेंशन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में खलबली मच गई है. डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक मैप शेयर किया, जिसमें 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अमेरिका का 'नया क्षेत्र' बताया है।

बता दें कि ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह जल्द ही 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करने वाले हैं। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने ऐसा मैप पोस्ट किया, जिसमें इस जलमार्ग को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया गया। हालांकि, ट्रंप की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि नक्शे को शेयर करने का उद्देश्य क्या था या इसे किसी औपचारिक अमेरिकी नीति के संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए या नहीं।



ट्रंप के नक्शे से बढ़ा विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा नक्शा साझा किया है, जिसमें 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अमेरिका का क्षेत्र बताया गया है। इससे ईरान और अमेरिका के बीच पहले से चल रहा विवाद और बढ़ने की आशंका है। इस पूरे मामले में जलमार्ग पर अधिकार, जहाजों की आवाजाही और सैन्य नियंत्रण जैसे मुद्दे अहम हो गए हैं।

'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन इसकी रणनीतिक अहमियत बहुत बड़ी है। यह तेल से समृद्ध फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है। अगर यहां लंबे समय तक जहाजों की आवाजाही बाधित रहती है तो इसका असर केवल ईरान और अमेरिका पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और खाड़ी देशों से तेल आयात करने वाले कई देशों पर पड़ सकता है।

जहाजों की आवाजाही को लेकर भी विवाद

ईरान ने संघर्ष शुरू होने के बाद से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों की आवाजाही पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाजों को यहां से गुजरने के लिए अनुमति लेने और ट्रांजिट से जुड़े शुल्क का भुगतान करने की जरूरत पड़ रही है। अमेरिका और क्षेत्र के कई देशों ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया है।

इस बीच ईरान और ओमान के बीच भी 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत जारी है। ईरान ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों के बीच चर्चा गंभीरता से चल रही है और प्रस्तावित संयुक्त बयान के शब्दों को लेकर दोनों पक्ष विचार-विमर्श कर रहे हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है हॉर्मुज?

'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर किसी भी बड़े फैसले का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ा हुआ है। इसलिए यहां तनाव बढ़ने पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

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