'झुकने वाला नहीं अमेरिका, पोप खुश हों या नाराज', ईरान के पास परमाणु... अपने जिद पर अड़े ट्रंप

Trump Pope Controversy: ईरान युद्ध और परमाणु हथियारों को लेकर पोप लियो और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों के रुख अलग नजर आए।

Akriti Pandey
Published on: 7 May 2026 10:50 AM IST (Updated on: 7 May 2026 12:42 PM IST)
Trump Pope Controversy
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Trump Pope Controversy

Trump Pope Controversy: ईरान युद्ध को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तीखी बयानबाजी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को और गरमा दिया है। दोनों नेताओं के बीच विवाद युद्ध, शांति और परमाणु हथियारों को लेकर अलग-अलग विचारों की वजह से सामने आया है।

पोप ने युद्ध को बताया मानवता पर कलंक

कुछ समय पहले पोप लियो ने ईरान युद्ध पर गहरी चिंता जताते हुए कहा था कि यह संघर्ष पूरी मानवता के लिए एक कलंक है। उन्होंने युद्धविराम की अपील करते हुए कहा कि दुनिया को केवल चिंता व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। मार्च में सेंट पीटर्स स्क्वायर में आयोजित साप्ताहिक प्रार्थना सभा के दौरान पोप ने कहा था कि युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान निर्दोष और बेबस लोगों को उठाना पड़ता है। उनका दर्द केवल किसी एक देश का नहीं बल्कि पूरी मानवता का दर्द है। पोप ने सभी देशों से बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की अपील की थी।

ट्रंप ने पोप के बयान पर जताई नाराजगी

पोप के इन बयानों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा कि पोप के बयान से ऐसा लगता है मानो वह ईरान को परमाणु हथियार रखने की छूट देने की बात कर रहे हों, जबकि अमेरिका इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगा। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि उनका रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि चाहे पोप उनके फैसले से खुश हों या नाराज, इससे अमेरिकी नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

परमाणु हथियारों पर पोप ने दी सफाई

ट्रंप के आरोपों के बाद पोप लियो ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी परमाणु हथियारों का समर्थन नहीं किया है। पोप ने कहा कि जो लोग उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें सच्चाई के साथ बात करनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल युद्ध को रोकना और शांति की अपील करना है। पोप के अनुसार किसी भी देश के पास परमाणु हथियार होना पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

वैश्विक राजनीति में बढ़ा तनाव

अमेरिका और वेटिकन के बीच इस तरह की बयानबाजी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां पोप लगातार शांति और संवाद की बात कर रहे हैं, वहीं ट्रंप ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर और असर डाल सकता है।

Akriti Pandey

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