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भारत से नहीं चला दांव तो अफगानिस्तान को कर रहे टारगेट... ! TTP ने खोली पाक सेना की पोल-पट्टी, युद्ध भड़का रहे हैं मुनीर?
Pakistan News: पाकिस्तान की भीतरी और बाहरी सुरक्षा नीतियों को लेकर इस वक़्त एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
Pakistan News (photo: social media)
Pakistan News: पाकिस्तान की भीतरी और बाहरी सुरक्षा नीतियों को लेकर इस वक़्त एक नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर पर तगड़े आरोप लगाए हैं। TTP की एक मैगजीन में पब्लिश लेख में दावा किया गया है कि मुनीर अपनी छवि मजबूत करने के लिए अफगानिस्तान के साथ जानबूझकर तनाव बढ़ा रहे हैं।
हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, TTP की मैगजीन 'मुझल्लाह तालिबान' के नवीनतम अंक में सेना प्रमुख की नीतियों की सख्त आलोचना की गई है। इसमें उन्हें "जिद्दी" और "स्वार्थी" नेता बताते हुए कहा गया है कि वे क्षेत्रीय स्थिरता की कीमत पर अपनी शक्ति और प्रभाव बढ़ाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। यह लेख पाकिस्तान के अंदर भी बहस का बड़ा विषय बन गया है, हालांकि सरकार या सेना की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारत के साथ तनाव के बाद बदली रणनीति?
मैगजीन में दावा किया गया है कि साल 2025 में भारत के साथ बढ़े तनाव के दौरान पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित समर्थन नहीं सका था। इसके बाद पाकिस्तान ने अपनी रणनीति बदलते हुए अफगानिस्तान की तरफ ध्यान केंद्रित किया। लेख में आरोप लगाया गया है कि अफगानिस्तान को "आसान मोर्चा" मानते हुए वहां सैन्य दबाव बढ़ाया जा रहा है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में हालिया महीनों में बहुत गिरावट आई है।
पाक-अफगान रिश्तों में बढ़ा तनाव
एक वक़्त सहयोगी माने जाने वाले पाकिस्तान और अफगानिस्तान अब खुले टकराव की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का प्रयोग सीमा पार आतंकवादी हमलों के लिए किया जा रहा है। वहीं, अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों को निरंतर खारिज करती रही है।
तनाव उस वक़्त और बढ़ गया जब फरवरी महीने के अंत में पाकिस्तान ने कथित तौर पर अफगानिस्तान के अंदर एयरस्ट्राइक की। इसके जवाब में अफगानिस्तान की तरफ से जमीनी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। इसके बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल
इसे लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तेजी से बढ़ता यह तनाव पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे, तो यह संघर्ष बड़े स्तर पर भी फैल सकता है।
वहीं, TTP के इन आरोपों ने पाकिस्तान के अंदर राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगामी कुछ दिनों में इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार और सेना की प्रतिक्रिया फिलहाल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बता दे, TTP की मैगजीन में लगाए गए आरोपों ने एक बार फिर पाकिस्तान की सुरक्षा नीतियों और उसके क्षेत्रीय रिश्तों को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन इससे यह जरूर स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान इस वक़्त आंतरिक और बाहरी दोनों मोर्चों पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।


