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UK Heatwave 2026: 40 डिग्री की तपिश, स्कूल बंद... फिर भी ब्रिटेन में AC हटाने की सलाह क्यों?
UK Heatwave 2026: 40°C गर्मी के बीच ब्रिटेन में AC को लेकर नई सलाह, जानिए पूरी वजह।
UK Heatwave 2026
UK Heatwave 2026: भरी गर्मी में भी ठंडक का एहसास देने वाला देश यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में है। वहीं ब्रिटेन के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। गर्मी इतनी ज्यादा है कि स्कूल बंद करने पड़े हैं, रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं और अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ गया है। इसी बीच लंदन की एक स्थानीय काउंसिल द्वारा लोगों को एयर कंडीशनर हटाने और पहले खिड़कियां खोलने तथा सीलिंग फैन का इस्तेमाल करने की सलाह देने के बाद इस मुद्दे पर पूरी दुनिया में चर्चा शुरू हो गई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला....
क्यों जारी किए गए AC हटाने के नोटिस?
यह फैसला पूरे ब्रिटेन में लागू नहीं किया गया है बल्कि लंदन की कुछ स्थानीय काउंसिलों ने अपने प्लानिंग नियमों के तहत उन भवनों में लगाए गए एयर कंडीशनर पर आपत्ति जताई है, जहां बिना अनुमति बाहरी AC यूनिट लगाए गए थे। इन नियमों के अनुसार, किसी भी इमारत में एयर कंडीशनिंग लगाने से पहले यह साबित करना जरूरी होता है कि प्राकृतिक तरीकों से घर को ठंडा रखना संभव नहीं है। इसलिए कुछ लोगों को AC हटाने के नोटिस जारी किए गए, जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया।
पहले प्राकृतिक तरीके अपनाने पर सरकार क्यों दे रही है जोर?
ब्रिटेन की 'कूलिंग हायरार्की' नीति के तहत सबसे पहले घर को बिना ज्यादा बिजली खर्च किए ठंडा रखने की कोशिश की जाती है। इसके लिए खिड़कियां खोलकर क्रॉस वेंटिलेशन बनाए रखने, सीलिंग फैन चलाने, पर्दे और ब्लाइंड्स लगाने, घर में धूप कम आने देने और बेहतर इन्सुलेशन जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। यदि इन तरीकों से पर्याप्त राहत नहीं मिलती, तभी एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल उचित माना जाता है।
नेट-जीरो लक्ष्य के पीछे क्या है सरकार की सोच?
ब्रिटेन ने आने वाले वर्षों में कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करने का लक्ष्य तय किया है। एयर कंडीशनर अधिक बिजली की खपत करते हैं और यदि बिजली जीवाश्म ईंधन से बनती है तो इससे कार्बन उत्सर्जन भी बढ़ता है। इसके अलावा AC से निकलने वाली गर्म हवा शहरों के तापमान को और बढ़ाने का काम कर रही है। यही कारण है कि सरकार ऊर्जा बचाने वाले उपायों और प्राकृतिक कूलिंग को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है।
क्या पूरे ब्रिटेन में एयर कंडीशनर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है?
सोशल मीडिया पर इस खबर को कई जगह इस तरह पेश किया गया कि पूरे ब्रिटेन में AC पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। देशभर में एयर कंडीशनर पर कोई राष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। यह मामला केवल कुछ स्थानीय परिषदों के प्लानिंग नियमों और चुनिंदा भवनों तक सीमित है। सामान्य परिस्थितियों में लोग अपने घरों में AC लगा सकते हैं, हालांकि कुछ क्षेत्रों में इसके लिए अनुमति की आवश्यकता हो सकती है।
गर्मी ने ब्रिटेन में सामान्य जनजीवन को भी प्रभावित कर दिया है
ब्रिटेन इस समय कई वर्षों की सबसे भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। अत्यधिक गर्मी के कारण कई स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। रेल सेवाओं पर असर पड़ा है और अस्पतालों में कई गैर-जरूरी ऑपरेशन भी टाल दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाई नई चुनौती
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरोप में लगातार बढ़ती हीटवेव जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत है। ब्रिटेन जैसे देशों में अधिकांश घर ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर बनाए गए थे, इसलिए वे लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी झेलने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। ऐसे में सरकारों के सामने एक ओर लोगों को गर्मी से राहत देने की चुनौती है, तो दूसरी ओर कार्बन उत्सर्जन कम रखने का लक्ष्य भी है।
भारत जैसे देशों के लिए भी है बड़ा संदेश
ब्रिटेन का यह मामला केवल एक देश तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई देश अब ऐसे समाधान तलाश रहे हैं, जिनसे लोगों को गर्मी से राहत भी मिले और पर्यावरण पर बोझ भी कम पड़े। भारत जैसे देशों में, जहां गर्मियों में लंबे समय तक तेज गर्मी रहती है, ऊर्जा दक्ष उपकरणों, बेहतर भवन निर्माण और प्राकृतिक वेंटिलेशन पर ध्यान देना भविष्य की बड़ी जरूरत बन सकता है। वहीं अत्यधिक एयर कंडीशनर का इस्तेमाल तापमान में और अधिक तपिश भरने का जरिया बन रहे हैं। जिस पर कोई अन्य विकल्प तलाशने और नियंत्रण लगाने की तत्काल आवश्यकता है। वहीं
ब्रिटेन में AC हटाने को लेकर चल रही चर्चा का मतलब पूरे देश में एयर कंडीशनर पर प्रतिबंध नहीं है। यह कुछ स्थानीय काउंसिलों के प्लानिंग नियमों और पर्यावरण संबंधी नीति से जुड़ा मामला है। सरकार का उद्देश्य पहले प्राकृतिक तरीकों से घर को ठंडा रखने पर जोर देना है और केवल आवश्यकता पड़ने पर ही एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल करने की सलाह देना है। इसी के साथ बढ़ते वैश्विक तापमान के बीच यह मुद्दा अब आने वाले वर्षों में और गंभीर स्थिति में परिवर्तित हो सकता है। साथ ही लोगों को सोचने पर मजबूर कर सकता है कि सुविधा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।


