'इंडियन' और 'चाइनीज लाइन' के बीच अरुणाचल-अक्साई चिन! UN के नए नक्शे पर आखिर क्यों भड़का भारत

संयुक्त राष्ट्र के नए विश्व नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन के आसपास अलग-अलग ‘इंडियन लाइन’ और ‘चाइनीज लाइन’ दिखाई गई हैं।

Sachin Singh
Published on: 7 Sept 2026 9:55 PM IST (Updated on: 7 Sept 2026 9:56 PM IST)
इंडियन और चाइनीज लाइन के बीच अरुणाचल-अक्साई चिन! UN के नए नक्शे पर आखिर क्यों भड़का भारत
X

UN new map 2026: संयुक्त राष्ट्र के एक नए विश्व नक्शे को लेकर भारत में चर्चा तेज हो गई है। इस नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अलग-अलग ‘इंडियन लाइन’ और ‘चाइनीज लाइन’ के बीच दिखाया गया है। नक्शे में दोनों क्षेत्रों को जिस तरह से दर्शाया गया है, उसे लेकर भारत की ओर से आपत्ति जताई गई है। यह नक्शा 1 जुलाई 2026 को जारी किया गया था।

अरुणाचल प्रदेश को नक्शे में कैसे दिखाया गया?

नए UN नक्शे में अरुणाचल प्रदेश की असम से लगने वाली दक्षिणी सीमा को ‘चाइनीज लाइन’ के तौर पर दिखाया गया है। वहीं, राज्य की नागालैंड से लगने वाली सीमा को नक्शे में नहीं दिखाया गया है। दूसरी तरफ, अरुणाचल प्रदेश की चीन के तिब्बत से लगने वाली उत्तरी सीमा को 'इंडियन लाइन' के रूप में दिखाया गया है।

इस तरह नक्शे में अरुणाचल प्रदेश के आसपास अलग-अलग भारतीय और चीनी दावे वाली रेखाएं दिखाई दे रही हैं। इसी वजह से नक्शे के इस चित्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अक्साई चिन को भी दो अलग-अलग लाइनों के बीच दिखाया

नक्शे में अक्साई चिन को भी इसी तरह अलग-अलग सीमा रेखाओं के बीच दिखाया गया है। इसके पूर्वी हिस्से को 'इंडियन लाइन' से दर्शाया गया है, जबकि लद्दाख और अक्साई चिन के बीच एक 'चाइनीज लाइन' दिखाई गई है।

भारत के आधिकारिक रुख के मुताबिक अक्साई चिन लद्दाख का हिस्सा है। भारत के आधिकारिक नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और पूरा जम्मू-कश्मीर भारतीय क्षेत्र का हिस्सा है और अक्साई चिन लद्दाख का हिस्सा माना जाता है।

जम्मू-कश्मीर के लिए नक्शे में अलग नोट

नए नक्शे में जम्मू-कश्मीर में भारत और पाकिस्तान के बीच की लाइन ऑफ कंट्रोल यानी LoC को डॉटेड लाइन से दिखाया गया है। इसके साथ एक नोट भी दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि यह डॉटेड लाइन भारत और पाकिस्तान के बीच सहमत लगभग LoC को दर्शाती है और जम्मू-कश्मीर की अंतिम स्थिति पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी है।

हालांकि, अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन के आसपास दिखाई गई अलग-अलग ‘इंडियन लाइन’ और ‘चाइनीज लाइन’ को लेकर नक्शे में ऐसा कोई अलग स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

UN के एक प्रस्ताव के बाद सामने आया नक्शा

इस नक्शे पर चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत ने 4 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव का समर्थन किया था। इस प्रस्ताव में दुनिया के नक्शों में ज्यादा सटीकता और निष्पक्षता पर जोर दिया गया था।

हालांकि, भारत का इस प्रस्ताव का समर्थन करना किसी खास नक्शे या सीमा के चित्रण को स्वीकार करना नहीं है। भारत ने साफ किया है कि प्रस्ताव का समर्थन नक्शों में समान क्षेत्रफल के प्रतिनिधित्व के सिद्धांत से जुड़ा था।

भारत ने कहा- आधिकारिक नक्शे के मुताबिक हो क्षेत्र का चित्रण

विदेश मंत्रालय ने भारत की स्थिति साफ करते हुए कहा है कि देश के संप्रभु क्षेत्र को भारत के आधिकारिक नक्शे के मुताबिक ही दिखाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत के संप्रभु क्षेत्र का चित्रण भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार होना चाहिए। जायसवाल ने कहा कि किसी भी तरह का गलत या भ्रामक चित्रण स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत के आधिकारिक रुख के मुताबिक अक्साई चिन लद्दाख का हिस्सा है।

भारत का आधिकारिक रुख क्या है?

भारत के आधिकारिक नक्शे में अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इसके अलावा पूरा जम्मू-कश्मीर भी भारत के क्षेत्र में शामिल है। अक्साई चिन को लद्दाख का हिस्सा माना जाता है।

ऐसे में संयुक्त राष्ट्र के नए नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन के आसपास अलग-अलग 'इंडियन लाइन' और 'चाइनीज लाइन' दिखाए जाने को लेकर भारत की आपत्ति सामने आई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि उसके संप्रभु क्षेत्र को उसके आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही दर्शाया जाना चाहिए।

Sachin Singh
ABOUT THE AUTHOR

Sachin Singh

Conetent Writer Mail ID - sachinsingh.alert@gmail.comsachinsingh.alert@gmail.com
Next Story