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H-1B वीजा वालों को अमेरिका ने दिया बड़ा झटका! 540 दिन का वर्क परमिट एक्सटेंशन खत्म, जानिए किस पर होगा असर
US Work Permit Rule: ट्रंप प्रशासन ने कुछ अप्रवासियों के लिए 540 दिन का ऑटोमैटिक EAD एक्सटेंशन खत्म कर दिया है। जानें H-1B, H-4 वीजाधारकों और भारतीय कर्मचारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
US Work Permit Rules Change: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अप्रवासियों के वर्क परमिट से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने वर्क परमिट यानी Employment Authorization Document (EAD) के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन को समाप्त करने वाले नियम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के तहत इसकी पुष्टि की है। इससे पात्र अप्रवासी पहले की तरह अपने वर्क परमिट की अवधि खत्म होने के बाद नवीनीकरण आवेदन लंबित रहने के दौरान अधिकतम 540 दिनों तक स्वतः काम जारी रखने की सुविधा का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
इस बदलाव का असर उन विदेशी कामगारों और अप्रवासी परिवारों पर पड़ सकता है, जिन्हें अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) से वर्क परमिट के नवीनीकरण में देरी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि नया नियम सभी H-1B वीजाधारकों पर सीधे लागू नहीं होता। इसका मुख्य संबंध उन श्रेणियों के पात्र अप्रवासियों से है, जिनके रोजगार की अनुमति EAD के जरिए मिलती है।
540 दिन की राहत क्यों खत्म की गई?
ब्लूमबर्ग लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने उस व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया है, जिसके तहत पात्र आवेदकों को समय पर नवीनीकरण आवेदन जमा करने के बाद भी पुराने वर्क परमिट की समयसीमा समाप्त होने पर अधिकतम 540 दिनों तक काम जारी रखने की अनुमति मिल सकती थी।
यह सुविधा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के दौरान शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य USCIS में लंबित आवेदनों और प्रशासनिक देरी के कारण विदेशी कामगारों को नौकरी गंवाने से बचाना था। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने अक्टूबर 2025 में अंतरिम अंतिम नियम जारी कर इस ऑटोमैटिक एक्सटेंशन को समाप्त कर दिया था। अब प्रशासन ने इस बदलाव को अंतिम नियम के जरिए औपचारिक रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
नई व्यवस्था के तहत 30 अक्टूबर 2025 या उसके बाद दाखिल किए गए संबंधित EAD नवीनीकरण आवेदनों पर सामान्य तौर पर ऑटोमैटिक एक्सटेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, नियम में निर्धारित अपवादों और अदालतों के आदेशों की स्थिति अलग हो सकती है।
अब वर्क परमिट खत्म होने पर क्या होगा?
पहले पात्र आवेदक यदि निर्धारित समय के भीतर अपना EAD नवीनीकरण आवेदन जमा कर देते थे, तो उन्हें कुछ शर्तों के तहत पुराने परमिट की अवधि समाप्त होने के बाद भी काम जारी रखने की अनुमति मिल सकती थी। यह सुविधा आवेदन पर फैसला आने तक अधिकतम 540 दिनों तक प्रभावी हो सकती थी।
नए नियम के तहत केवल नवीनीकरण आवेदन जमा कर देना काम जारी रखने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। यदि किसी कर्मचारी का मौजूदा EAD समाप्त हो जाता है और उसके पास काम करने की कोई दूसरी वैध अनुमति नहीं है, तो उसे नए प्राधिकरण की मंजूरी मिलने तक काम रोकना पड़ सकता है।
इससे कर्मचारियों की आय प्रभावित होने के साथ-साथ कंपनियों को भी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से काम से हटाने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, जिन लोगों के पास काम करने की स्वतंत्र और वैध दूसरी अनुमति है, उनकी स्थिति अलग हो सकती है।
USCIS में लाखों आवेदन लंबित
वर्क परमिट नवीनीकरण में देरी इस बदलाव को और महत्वपूर्ण बनाती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक USCIS में ऐसे 4.32 लाख से अधिक वर्क परमिट नवीनीकरण आवेदन छह महीने या उससे ज्यादा समय से लंबित थे। इनमें 91,000 से अधिक आवेदन ऐसे थे, जिन पर 18 महीने से ज्यादा समय से फैसला नहीं हुआ था।
ऐसे हालात में ऑटोमैटिक एक्सटेंशन समाप्त होने से उन कर्मचारियों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है, जिनका मौजूदा वर्क परमिट आवेदन पर फैसला आने से पहले ही समाप्त हो जाता है। आवेदन समय पर जमा करने के बावजूद उन्हें काम में अंतराल का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने क्या तर्क दिया?
DHS का कहना है कि ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की व्यवस्था के कारण कुछ विदेशी नागरिकों को नए सिरे से पात्रता की जांच, सुरक्षा समीक्षा और अन्य जरूरी जांच पूरी होने से पहले ही काम जारी रखने का अवसर मिल जाता था।
विभाग के मुताबिक, नए नियम से USCIS को रोजगार की अनुमति बढ़ाने से पहले पात्रता की पुष्टि, स्क्रीनिंग और संभावित प्रतिकूल सूचनाओं की समीक्षा करने का अधिक अवसर मिलेगा। प्रशासन ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला कदम बताया है।
हालांकि, इस बदलाव के आलोचकों की चिंता है कि सरकारी एजेंसी की ओर से आवेदन निपटाने में देरी का बोझ कर्मचारियों और उनके परिवारों पर पड़ सकता है। समय पर आवेदन देने के बावजूद परमिट समाप्त होने से उनकी नौकरी और घरेलू आय प्रभावित हो सकती है।
कंपनियों पर भी पड़ेगा आर्थिक असर
DHS के अनुमान के मुताबिक, मई 2027 से शुरू होने वाली 18 महीने की अवधि में 20,000 से 33,000 तक EAD की अवधि समाप्त होने की स्थिति बन सकती है। यह अनुमान USCIS की भविष्य की प्रोसेसिंग गति, आवेदनों की संख्या और नवीनीकरण आवेदन जमा करने के समय पर निर्भर करता है।
विभाग ने अनुमान लगाया है कि परमिट समाप्त होने और कर्मचारियों के काम रोकने से नियोक्ताओं को लगभग 23.81 करोड़ डॉलर की उत्पादकता हानि हो सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों के आने-जाने और नए कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ी लागत करीब 31.21 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती है। विभाग के अनुसार, लगभग 1,700 से 2,800 नियोक्ता इससे प्रभावित हो सकते हैं।
H-1B वीजाधारकों को क्या समझना चाहिए?
इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि H-1B वीजा और EAD एक ही चीज नहीं हैं। H-1B एक गैर-आप्रवासी वीजा श्रेणी है, जिसके तहत अमेरिकी नियोक्ता के लिए विशेष पेशे में काम करने की अनुमति मिलती है। वहीं, EAD उन पात्र अप्रवासियों को काम करने का अधिकार देने वाला दस्तावेज है, जिनकी आव्रजन श्रेणी में इसकी जरूरत होती है।
इसलिए 540 दिन के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन को खत्म करने का नियम सभी H-1B कर्मचारियों के वर्क परमिट को स्वतः समाप्त नहीं करता। लेकिन H-4 आश्रितों सहित EAD पर निर्भर कुछ विदेशी कामगारों के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है।
H-4 वीजाधारकों ने अदालत में दी चुनौती
इस नीति को लेकर कानूनी विवाद भी सामने आया है। जनवरी 2026 में H-4 वीजाधारकों के एक समूह ने संघीय एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया कि यह बदलाव प्रशासनिक प्रक्रिया कानून (Administrative Procedure Act) का उल्लंघन करता है।
सितंबर 2026 में कैलिफोर्निया की एक अदालत ने अंतरिम अंतिम नियम को उस मुकदमे के याचिकाकर्ताओं पर लागू होने से रोक दिया। अदालत ने प्रक्रिया संबंधी आवश्यकताओं और पुरानी नीति पर लोगों की निर्भरता से जुड़े पहलुओं पर सवाल उठाए। इस आदेश का दायरा संबंधित याचिकाकर्ताओं तक है या इससे आगे भी कोई राहत मिलती है, इसे समझने के लिए आदेश की सटीक शर्तों को देखना जरूरी है।
आवेदक अभी क्या करें?
DHS ने सलाह दी है कि पात्र आवेदक अपने वर्क परमिट की समाप्ति तिथि से पहले नवीनीकरण आवेदन जमा करें और USCIS की प्रोसेसिंग टाइमलाइन पर नजर रखें। आवेदकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी श्रेणी पर नया नियम लागू होता है या कोई अपवाद अथवा अदालत का आदेश उनकी स्थिति को प्रभावित करता है।
कुल मिलाकर, ट्रंप प्रशासन का यह फैसला अमेरिका में काम करने वाले कुछ विदेशी नागरिकों के लिए नौकरी और आय की अनिश्चितता बढ़ा सकता है। खासकर उन लोगों के लिए मुश्किल बढ़ेगी, जिनका वर्क परमिट समाप्त होने से पहले नवीनीकरण आवेदन पर फैसला नहीं आता। लेकिन इसे सभी H-1B वीजाधारकों पर लागू प्रतिबंध के रूप में देखना सही नहीं होगा।


