Hormuz में आर-पार की जंग? IRGC ने दी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 'बड़े हमले' की सीधी चेतावनी, टैंकरों पर हमले से भड़का तेहरान

US Iran Conflict: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ गया है। आईआरजीसी ने अमेरिकी हमलों के बाद बड़े जवाबी हमले की चेतावनी दी है।

Akriti Pandey
Published on: 10 May 2026 10:38 AM IST (Updated on: 10 May 2026 10:39 AM IST)
Hormuz Strait Crisis
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Hormuz Strait Crisis

US Iran Conflict: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव गहराता दिखाई दे रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकर और जहाजों पर हमले किए जाने के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ी चेतावनी जारी की है। आईआरजीसी ने साफ कहा है कि अगर ईरानी तेल टैंकरों या कमर्शियल जहाजों पर दोबारा हमला हुआ तो इसका जवाब अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद दुश्मन जहाजों पर बड़े हमलों के जरिए दिया जाएगा। संगठन की नेवी यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह चेतावनी जारी की।

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ीं सैन्य झड़पें

पिछले दो दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास अमेरिका और ईरान के बीच कई छोटी सैन्य झड़पें देखने को मिलीं। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया था। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी और इजरायली जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इसके जवाब में अमेरिका ने भी इलाके में अपनी नौसैनिक गतिविधियां बढ़ा दीं और स्ट्रेट के आसपास नेवल नाकाबंदी लागू कर दी। इसका असर यह हुआ कि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई।

ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा

IRGC के एयरोस्पेस डिवीजन ने एक अन्य बयान में कहा कि उसकी मिसाइलों और ड्रोन ने इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन जहाजों को निशाना बनाया है। संगठन ने यह भी कहा कि उसकी सेनाएं “फायरिंग के आदेश” का इंतजार कर रही हैं। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग माना जाता है।

ट्रंप ने दिए सख्त संकेत

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान जल्द कोई संदेश देगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या तेहरान जानबूझकर बातचीत को धीमा कर रहा है, तो उन्होंने कहा, “हमें जल्द ही इसका पता चल जाएगा।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका और कड़े कदम उठा सकता है। ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर “प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस” जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।

Akriti Pandey

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