US-Iran Conflict: अमेरिका ईरान तनाव चरम पर, बंदर अब्बास पोर्ट पर जोरदार विस्फोट

US-Iran Conflict: अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी और परमाणु समझौते पर सख्त रुख अपनाया। बंदर अब्बास पोर्ट के पास धमाकों से हड़कंप मच गया।

Newstrack/IANS
Published on: 28 May 2026 10:03 AM IST (Updated on: 28 May 2026 10:30 AM IST)
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US-Iran Conflict: अमेरिकी सेना ने ईरान में बुधवार रात हमले क‍िए। इस दौरान एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसे वॉशिंगटन ने अमेरिका की सेना और क्षेत्र में चल रहे वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बताया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये कार्रवाई अमेरिकी बलों तथा समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।

सीबीएस न्‍यूज ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की तरफ से छोड़े गए ड्रोन भी हवा में ही मार गिराया।सीबीएस न्यूज के हवाले से स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि अमेरिका ने इन हमलों को 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया और कहा कि उनके बीच जो युद्धविराम है, वह अभी लागू माना जा रहा है।

बंदर अब्बास पोर्ट के पास धमाका

इस बीच, ईरानी समाचार एजेंसी 'फार्स' ने ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट शहर के पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के करीब 1:30 बजे (2200 जीएमटी बुधवार) तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। यह शहर होर्मुज स्‍ट्रेट के पास स्थित है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय कर दिए गए और अधिकारी यह पता लगाने में जुट गए कि धमाकों की आवाज कहां से आई।

इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक दबाव की वजह से ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चल रही बातचीत से अमेरिका के मुताबिक सही समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

जरूरत पड़ी तो फिर होगी सैन्य कार्रवाई

व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को लग रहा था कि मध्यावधि चुनावों का दबाव उनकी बातचीत की स्थिति को कमजोर कर देगा। ट्रंप ने कहा, “मुझे मध्यावधि चुनावों की परवाह नहीं है।” ईरान के साथ चल रही बातचीत पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अभी मौजूदा शर्तों से संतुष्ट नहीं है और अगर उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। ट्रंप ने यह भी कहा, “वे बस किसी तरह समझौता करना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है।”

इससे पहले बुधवार को व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की उस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया, जिसमें एक ड्राफ्ट समझौते का जिक्र किया गया था। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिका ईरान के पास वाले इलाकों से अपनी सेना हटाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक रोक खत्म करेगा।

प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी

ईरान के सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ड्राफ्ट में अमेरिका की सेना की वापसी और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक पाबंदियां हटाने जैसी बातें शामिल थीं। कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने यह भी साफ किया कि ईरान को अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का भंडार छोड़ने के बदले किसी तरह की प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी।

पीबीएस न्‍यूज से फोन पर बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि क्या मौजूदा समझौते के तहत ईरान को प्रतिबंधों में राहत मिलेगी तो ट्रंप ने जवाब दिया, “नहीं, बिल्कुल नहीं। किसी तरह की प्रतिबंध राहत नहीं मिलेगी।” उन्होंने कहा क‍ि वे अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम छोड़ेंगे, लेकिन बदले में उन्हें प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। बिल्कुल नहीं।

Vineeta Pandey

Vineeta Pandey

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Vineeta Pandey is an News Publisher at Newstrack.com.

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