ईरान-अमेरिका सीजफायर खत्म?ईरान के बंदरगाहों पर बरसीं अमेरिकी मिसाइलें, ट्रंप बोले- यह सिर्फ लव टैप

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरानी हमले के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम और बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को 'लव टैप' करार दिया है, जबकि ईरान ने तेहरान में अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।

Shivam
Published on: 8 May 2026 7:34 AM IST
ईरान-अमेरिका सीजफायर खत्म?ईरान के बंदरगाहों पर बरसीं अमेरिकी मिसाइलें, ट्रंप बोले- यह सिर्फ लव टैप
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सीजफायर के तमाम दावों के बीच मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें एक बार फिर तेज हो गई हैं। ओमान की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना और ईरानी सेना के बीच सीधी भिड़ंत के बाद स्थिति बेहद विस्फोटक बनी हुई है। ताजा घटनाक्रम में, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिसके जवाब में अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के काशेम और बंदर अब्बास जैसे रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है।

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के उन सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया है जहाँ से अमेरिकी बलों पर हमले किए जा रहे थे। ईरान के मीनाब और सिरिक शहरों में भी धमाकों की तेज आवाजें सुनी गई हैं। इन हमलों की पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरान की हिमाकत के जवाब में की गई यह कार्रवाई महज एक 'लव टैप' (हल्की चेतावनी) है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने उनके विश्वस्तरीय जहाजों को डुबोने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिकी तकनीक के सामने वे नाकाम रहे।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने की सैन्य कार्रवाई की पुष्टि

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया पर विस्तृत जानकारी साझा की है। सेंट्रल कमांड के मुताबिक, 7 मई को अमेरिकी नौसेना के जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे, तभी ईरान ने उन पर मिसाइलों, ड्रोनों और छोटी नौकाओं के जरिए सुनियोजित हमला किया। अमेरिकी सेना ने न केवल इन सभी खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया, बल्कि जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और खुफिया निगरानी केंद्रों को भी तबाह कर दिया।

अमेरिकी सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे क्षेत्र में तनाव बढ़ाना नहीं चाहते, लेकिन अपने जवानों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। सेंट्रल कमांड ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरानी हमलों में किसी भी अमेरिकी जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। अपनी सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के तौर पर सेंट्रल कमांड ने यूएसएस जॉर्ज ए डब्ल्यू बुश (CVN 77) से उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की तस्वीरें भी जारी की हैं।

ईरान का जवाबी हमला

दूसरी ओर, ईरान ने इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन करार दिया है। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर और मीजान ने रिपोर्ट दी है कि बंदर अब्बास और काशेम द्वीप पर हुए धमाकों के बाद राजधानी तेहरान सहित कई संवेदनशील इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि अमेरिका ने पहले उनके एक तेल टैंकर को निशाना बनाया, जिसके बाद उन्हें आत्मरक्षा में कदम उठाना पड़ा।

ईरानी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके मिसाइल हमले में अमेरिकी यूनिट्स को भारी नुकसान हुआ है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी विमानों और ड्रोनों ने नागरिक इलाकों के करीब बमबारी की है, जिसका वह कड़ा जवाब देगा। फिलहाल होर्मोजगन प्रांत में तनाव चरम पर है और ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई व्यक्तिगत रूप से पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि भविष्य की किसी भी सैन्य कार्रवाई का फैसला सुप्रीम लीडर की अनुमति के बाद ही लिया जाएगा।

ट्रंप का तीखा हमला

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें 'सनकी' करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी ड्रोनों को हवा में ऐसे जला दिया गया जैसे तितलियाँ अपनी कब्र की ओर गिर रही हों। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि एक सामान्य राष्ट्र जहाजों को सुरक्षित रास्ता देता है, लेकिन ईरान का नेतृत्व उकसावे की राजनीति कर रहा है।

इसी बीच, कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर अमेरिका ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों के लिए 25.8 अरब डॉलर के विशाल हथियार पैकेज को मंजूरी दे दी है। इस कदम से साफ है कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपने सहयोगियों को ईरान के खिलाफ और अधिक सशक्त बनाने की तैयारी में है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में युद्ध की आहट तेज है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं।

Shivam

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Shivam is a multimedia journalist.

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