India China Talks: सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने को लेकर भारत और चीन के बीच सहमति

India China Talks: बीजिंग में हुई WMCC की 35वीं बैठक में भारत और चीन ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, कूटनीतिक बातचीत और सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।

Newstrack/IANS
Published on: 28 May 2026 2:07 PM IST
WMCC Meeting
X

WMCC Meeting

India China Talks: नई दिल्ली और बीजिंग ने भारत-चीन सीमा मामलों पर सलाह और समन्वय के लिए बने वर्किंग मैकेनिज्म (डब्‍ल्‍यूएमसीसी) की 35वीं बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, अलग-अलग तंत्रों के निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बुधवार को बीजिंग में हुई इस बैठक में भारतीय पक्ष ने सीमा पार नदियों से जुड़े एक्सपर्ट लेवल मैकेनिज्म की अगली बैठक जल्द कराने पर जोर दिया।

सीमा प्रबंधन और सहयोग पर चर्चा

विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने यह भी तय किया कि वे राजनयिक और सैन्य स्तर पर नियमित बातचीत और संपर्क बनाए रखेंगे। इसके लिए उन तंत्रों का भी इस्तेमाल किया जाएगा जिन पर 24वीं स्पेशल रिप्रजेंटेटिव (एसआर) वार्ता के दौरान सहमति बनी थी।

एमईएने अपने बयान में कहा, “बातचीत सकारात्मक रही और भविष्य को ध्यान में रखकर की गई। दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष जताया, जिससे दोनों देशों के रिश्तों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने में मदद मिली है।”

नदी तंत्र और विशेषज्ञ स्तर की बैठक पर जोर

इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने की, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा और समुद्री मामलों विभाग की महानिदेशक होउ यानकी ने किया। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि वे चीन में होने वाली अगली स्पेशल रिप्रजेंटेटिव (एसआर) बैठक की मजबूत तैयारी के लिए मिलकर काम करेंगे।

इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ने चीन के विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिनसोंग और चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई से मुलाकात की। इससे पहले अप्रैल में भारत और चीन ने नई दिल्ली में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस दौरान एससीओ नेताओं के फैसलों को लागू करने और संगठन की आगे की दिशा पर चर्चा हुई थी।

दोनों देशों ने रिश्तों को सामान्य बनाने पर जताई सहमति

एमईए के बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने एससीओ से जुड़े मामलों में आपसी सहयोग और बातचीत को आगे भी जारी रखने और मजबूत करने पर सहमति जताई। 16-17 अप्रैल को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में भारत की ओर से एससीओ के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजदूत आलोक ए. डिमरी और चीन की ओर से राजदूत यान वेनबिन ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया।

एमईए के बयान में कहा गया, “दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने संयुक्त रूप से सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज से मुलाकात की और एससीओ ढांचे के तहत सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी आपसी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।” किर्गिस्तान के पास 2025-2026 के लिए एससीओ की अध्यक्षता है। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने इस कार्यकाल की थीम घोषित की 'एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर मिलकर आगे बढ़ना।'

Vineeta Pandey

Vineeta Pandey

News Publisher Mail ID - pandeyvineeta2010@gmail.com

Vineeta Pandey is an News Publisher at Newstrack.com.

Next Story