8th Pay Commission: 8वें पे कमीशन की लखनऊ में मीटिंग, बेसिक पे-फिटमेंट फैक्टर पर होगा बड़ा फैसला?
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे 8वें वेतन आयोग की एक बड़ी बैठक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 और 23 जून को आयोजित की जाएगी।
8th Pay Commission
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे 8वें वेतन आयोग की एक बड़ी बैठक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 और 23 जून को आयोजित की जाएगी। आयोग पहले ही इन बैठकों का कार्यक्रम जारी कर चुका है। इस बैठक में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स एसोसिएशन और अन्य संबंधित पक्षों को अपनी मांगें और सुझाव रखने का अवसर मिलेगा। आयोग देश के विभिन्न राज्यों में जाकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से सीधे संवाद कर रहा है ताकि उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझा जा सके।
देशभर में जारी है परामर्श प्रक्रिया
8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर सुझाव एकत्र कर रहा है। इसी कड़ी में जुलाई महीने में 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर (ओडिशा) तथा 9 और 10 जुलाई को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में भी बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे पहले आयोग दिल्ली, श्रीनगर और लद्दाख में भी विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर चुका है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिपोर्ट तैयार करते समय देश के हर क्षेत्र और वर्ग की राय को शामिल किया जा सके।
नवंबर 2025 में हुआ था आयोग का गठन
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया था। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार कर सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार अंतिम निर्णय लेगी और उसके आधार पर कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में संशोधन किया जाएगा। आयोग ने कर्मचारियों और संगठनों से सुझाव प्राप्त करने के लिए मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की थी। इससे पहले 29 मई को समयसीमा बढ़ाकर 15 जून की गई थी। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं निगाहें
वर्तमान में कर्मचारियों और पेंशनर्स की सबसे बड़ी उम्मीद फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आयोग से उच्च फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करने की मांग की है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 2.83 से 3.83 तक फिटमेंट फैक्टर की संभावना जताई जा रही है, हालांकि सरकार या आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं, तो उन्हें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन वृद्धि के साथ-साथ बकाया एरियर का भी लाभ मिलने की उम्मीद है।