LPG Cylinder Transfer New Rules 2026: अब गैस सिलेंडर पड़ोसी या रिश्तेदार को देना भी पड़ सकता है महंगा, नई गाइडलाइन जारी
LPG Cylinder Transfer New Rules 2026: तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के ट्रांसफर, बिक्री और उपयोग को लेकर नई एडवायजरी जारी की है।
LPG Cylinder Transfer New Rules 2026
LPG Cylinder Transfer New Rules 2026: घरेलू गैस की उपलब्धता में चल रही किल्लत के दौर में रिश्तेदार और पड़ोसी गैस सिलेंडर देकर एक दूसरे की मदद के लिए खड़े हो रहे हैं। अगर आप भी ऐसा ही कर रहें हैं तो सचेत हो जाएं। क्योंकि इस पर जारी नए नियमों के साथ
ग्राहकों को याद दिलाया गया कि एलपीजी सिलेंडर तेल कंपनियों की संपत्ति हैं। इन्हें किसी दूसरे व्यक्ति को देना, बेचना या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करना नियमों के खिलाफ माना जाएगा। भारत में घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन रखने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और गैस एजेंसियों ने ग्राहकों के लिए नई एडवायजरी जारी करते हुए एलपीजी सिलेंडर के उपयोग और स्वामित्व से जुड़े नियमों को दोबारा स्पष्ट किया है। इस एडवायजरी का मकसद गैस सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल को रोकना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाना है। हाल के दिनों में कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडरों की खरीद-बिक्री, दूसरे लोगों को ट्रांसफर करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के मामले सामने आए थे। इसी को देखते हुए तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को नियमों की जानकारी देते हुए चेतावनी जारी की है।
एलपीजी सिलेंडर ग्राहक की नहीं, तेल कंपनी की संपत्ति है
नई एडवायजरी में साफ कहा गया है कि ग्राहकों को दिए जाने वाले एलपीजी सिलेंडर तेल कंपनियों की संपत्ति होते हैं। उपभोक्ताओं को केवल सिक्योरिटी डिपॉजिट के आधार पर इनका उपयोग करने का अधिकार दिया जाता है। इसका मतलब यह है कि ग्राहक सिलेंडर का इस्तेमाल तो कर सकते हैं, लेकिन उसके मालिक नहीं होते।
यही वजह है कि सिलेंडर को बेचने, किराए पर देने या किसी अन्य व्यक्ति को स्थायी रूप से सौंपने की अनुमति नहीं होती। गैस कनेक्शन और सिलेंडर का उपयोग केवल उसी व्यक्ति द्वारा किया जाना चाहिए जिसके नाम पर वह पंजीकृत है।
किसी दूसरे व्यक्ति को सिलेंडर देना गैरकानूनी माना जाएगा
तेल कंपनियों ने एडवायजरी में स्पष्ट किया है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को एलपीजी सिलेंडर बेचना या ट्रांसफर करना नियमों के खिलाफ है। कई लोग घर बदलने या अन्य कारणों से अपना सिलेंडर किसी रिश्तेदार, पड़ोसी या परिचित को दे देते हैं, लेकिन ऐसा करना कानूनी रूप से सही नहीं माना जाता। यदि किसी उपभोक्ता को अपना गैस कनेक्शन बंद करना है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैस एजेंसी के पास कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इससे उसे जमा की गई सिक्योरिटी राशि भी वापस मिल सकती है।
OLX और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री करना भी प्रतिबंधित
तेल कंपनियों ने ग्राहकों को चेतावनी दी है कि किसी भी ऑनलाइन मार्केटप्लेस, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या गैर-मान्यता प्राप्त माध्यम पर एलपीजी सिलेंडर की बिक्री या लिस्टिंग नहीं की जानी चाहिए। कंपनियों का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले सिलेंडरों की गुणवत्ता और वैधता की पुष्टि करना मुश्किल होता है। कई मामलों में नकली या अवैध सिलेंडर भी बाजार में पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी हैं ये नियम
विशेषज्ञों के अनुसार एलपीजी अत्यधिक ज्वलनशील ईंधन है। यदि सिलेंडर की जांच, रखरखाव या रिकॉर्ड सही तरीके से नहीं रखा जाए तो गैस रिसाव, आग लगने या विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
इसीलिए तेल कंपनियां सिलेंडरों का समय-समय पर निरीक्षण और परीक्षण कराती हैं। जब सिलेंडर केवल पंजीकृत उपभोक्ताओं के पास रहते हैं, तब उनकी ट्रैकिंग और सुरक्षा निगरानी भी आसान हो जाती है।
PNG कनेक्शन लेने वालों से की गई खास अपील
एडवायजरी में उन उपभोक्ताओं का भी उल्लेख किया गया है जिन्होंने अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन ले लिया है और एलपीजी का उपयोग बंद कर दिया है।
ऐसे ग्राहकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने नजदीकी गैस वितरक के पास जाकर एलपीजी कनेक्शन औपचारिक रूप से सरेंडर कर दें। ऐसा करने पर उन्हें जमा की गई मूल सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि वापस मिल सकती है। इससे तेल कंपनियों को भी निष्क्रिय पड़े सिलेंडरों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
यदि आपके पास एलपीजी कनेक्शन है तो सिलेंडर केवल अधिकृत गैस एजेंसी से ही प्राप्त करें और खाली सिलेंडर भी उसी एजेंसी को लौटाएं। गैस कनेक्शन किसी दूसरे व्यक्ति को न बेचें, न ट्रांसफर करें और न ही ऑनलाइन बिक्री के लिए सूचीबद्ध करें। घर बदलने या कनेक्शन बंद करने की स्थिति में गैस एजेंसी से संपर्क कर आधिकारिक प्रक्रिया पूरी करें। तेल कंपनियों का मानना है कि इन नियमों का पालन करने से गैस वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी, नकली सिलेंडरों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी बेहतर होगी। ऐसे में सभी एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए इन दिशा-निर्देशों को जानना और उनका पालन करना बेहद जरूरी हो गया है।
ज्योत्सना सिंह
16.06.2026
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