GST कलेक्शन में साल-दर-साल बढ़त, जुलाई के मुकाबले थोड़ी गिरावट

GST Collection Aug: अगस्त 2025 में GST संग्रह बढ़कर 1.86 लाख करोड़, जुलाई की तुलना में हल्की गिरावट।

Update:2025-09-01 16:52 IST

GST Collection August (Photo - Social Media)

GST Collection August :अगस्त 2025 में GST कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपए पहुंचा, जो पिछले साल अगस्त 1.75 लाख करोड़ से लगभग 6.5% अधिक है। लेकिन अगर हम जुलाई 2025 के आंकड़ों 1.96 लाख करोड़ से तुलना करें तो अगस्त में थोड़ी गिरावट देखने को मिली।

जुलाई में त्योहारों और बढ़ी आर्थिक गतिविधियों की वजह से कलेक्शन अधिक था। अगस्त में यह सामान्य स्तर पर लौट आया, लेकिन सरकार की आय में साल-दर-साल सुधार स्पष्ट रूप से दिखता है।

अप्रैल में रिकॉर्ड तोड़ा गया कलेक्शन

इस साल अप्रैल में GST कलेक्शन 2.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अगस्त में GST के साथ ही कुल घरेलू राजस्व (Gross Domestic Revenue) भी 1.36 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की तुलना में 6.6% अधिक है।

हालांकि, इम्पोर्ट टैक्स में थोड़ी गिरावट देखी गई। यह साल-दर-साल 1.2% घटकर 49,354 करोड़ रुपए पर आ गया ।

GST सुधार: आम जनता और व्यापारियों को राहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की कि GST के अगले सुधार दिवाली तक लागू होंगे। इन सुधारों का उद्देश्य आम नागरिकों और छोटे व्यवसायों को कर राहत देना है।

मोदी ने कहा कि GST लागू हुए आठ साल हो गए हैं और अब इसे और सरल व प्रभावी बनाया जाना चाहिए। इससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक बोझ कम होगा।

राज्यों का सहयोग भी महत्वपूर्ण

कुछ विपक्षी शासित राज्य भी GST सुधारों के समर्थन में हैं और उनका मानना है कि कर दरों को अधिक युक्तिसंगत बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, छोटे व्यवसायियों को अधिक लाभ मिलना चाहिए और मुनाफाखोरी तथा असंतुलित लाभ पर नियंत्रण रखा जाना चाहिए। इन सुधारों के लागू होने से व्यापार और आम जनता दोनों को सीधे लाभ होगा, जिससे कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी और संतुलित बन सकेगी।

महत्वपूर्ण हाइलाइट्स

अगस्त 2025 में GST कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 6.5% की साल-दर-साल वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, जुलाई 2025 के आंकड़ों के मुकाबले इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। इस साल अप्रैल में कलेक्शन रिकॉर्ड 2.37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा था, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर था। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आगामी सुधार छोटे व्यवसायियों और आम जनता के लिए राहत और सरल प्रक्रिया लेकर आएंगे, जिससे कर प्रणाली और भी प्रभावी और पारदर्शी होगी।

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