एलन मस्क की xAI छोड़ भारतीय AI कंपनी से जुड़े देवेंद्र सिंह चपलोत, क्यों है यह बड़ी खबर?

Devendra Singh Chaplot Joins Sarvam AI: एलन मस्क की xAI छोड़ AI वैज्ञानिक देवेंद्र सिंह चपलोत भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI से जुड़े। जानें भारत के AI सेक्टर के लिए यह फैसला क्यों अहम माना जा रहा है।

Update:2026-08-01 15:24 IST

Devendra Singh Chaplot Joins Sarvam AI: After Leaving Elon Musk's xAI

Devendra Singh Chaplot Joins Sarvam AI: भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दुनिया की कई प्रतिष्ठित AI कंपनियों में काम कर चुके भारतीय AI वैज्ञानिक देवेंद्र सिंह चपलोत अब भारत की AI स्टार्टअप Sarvam AI से जुड़ गए हैं। कंपनी ने उन्हें पार्ट-टाइम एडवाइजर बनाया है। इसकी घोषणा Sarvam Epoch 2026 कार्यक्रम के दौरान की गई। एलन मस्क की xAI, यूरोप की Mistral AI और फेसबुक AI रिसर्च जैसी संस्थाओं में काम करने के बाद उनका किसी भारतीय AI कंपनी से जुड़ना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारत अब अपने स्वदेशी AI मॉडल विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कौन हैं देवेंद्र सिंह चपलोत?

देवेंद्र सिंह चपलोत भारत के उन चुनिंदा AI विशेषज्ञों में शामिल हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका की प्रतिष्ठित कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां उन्होंने लैंग्वेज टेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री और मशीन लर्निंग में पीएचडी की। उनकी रिसर्च मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स और बड़े लैंग्वेज मॉडल जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रही है।

दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में किया महत्वपूर्ण काम

पढ़ाई पूरी करने के बाद देवेंद्र ने रिसर्च के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने फेसबुक AI रिसर्च (FAIR), ऐपल और सैमसंग जैसी वैश्विक कंपनियों में काम करते हुए AI तकनीक को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। इन संस्थानों में उन्होंने मशीन लर्निंग मॉडल विकसित किए और ऐसे AI सिस्टम तैयार करने में भूमिका निभाई, जिनका इस्तेमाल करोड़ों लोग करते हैं। इसी अनुभव ने उन्हें दुनिया के प्रमुख AI शोधकर्ताओं में शामिल कर दिया।

xAI, Mistral AI और Thinking Machines Lab में निभाई अहम भूमिका

देवेंद्र सिंह चपलोत इस वर्ष कुछ समय के लिए एलन मस्क की AI कंपनी xAI से भी जुड़े रहे। इससे पहले वह यूरोप की चर्चित AI कंपनी Mistral AI में फाउंडिंग रिसर्चर रहे, जहां उन्होंने कई उन्नत फाउंडेशन AI मॉडल विकसित करने में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने Thinking Machines Lab में डेटा और प्री-ट्रेनिंग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। बड़े AI मॉडल तैयार करने और रिसर्च टीमों के साथ काम करने का उनका अनुभव अब Sarvam AI के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है।

Sarvam AI में क्या होगी उनकी भूमिका?

Sarvam AI ने Sarvam Epoch 2026 कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि देवेंद्र सिंह चपलोत कंपनी के पार्ट-टाइम एडवाइजर के रूप में जुड़ रहे हैं। कंपनी का कहना है कि उनका अनुभव रिसर्च टीम को मजबूत करेगा और नए फाउंडेशन AI मॉडल विकसित करने में मदद करेगा। खास तौर पर भारतीय भाषाओं और भारतीय उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए AI सिस्टम तैयार करने में उनकी विशेषज्ञता अहम भूमिका निभाएगी।

भारत के लिए स्वदेशी AI मॉडल क्यों हैं जरूरी?

देवेंद्र सिंह चपलोत का मानना है कि भारत को केवल विदेशी AI मॉडल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार भारत की भाषाएं, बोलियां, संस्कृति और सामाजिक जरूरतें दुनिया के अन्य देशों से अलग हैं। इसलिए भारतीय परिस्थितियों के अनुसार विकसित AI मॉडल अधिक प्रभावी और भरोसेमंद होंगे। ऐसे मॉडल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सरकारी सेवाओं और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में बेहतर परिणाम दे सकते हैं। यही सोच Sarvam AI की रणनीति का भी हिस्सा है।

Sarvam AI ने पेश किए नए AI प्रोडक्ट

Sarvam Epoch 2026 कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने अपने कई नए AI उत्पाद भी पेश किए। इनमें Saaras V4, Bulbul V4 और Vision 2.0 प्रमुख हैं। कंपनी के अनुसार इन उत्पादों का उद्देश्य भारतीय भाषाओं में AI की क्षमता बढ़ाना, मल्टीमॉडल तकनीक को मजबूत बनाना और डेवलपर्स को बेहतर AI टूल उपलब्ध कराना है। कंपनी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में वह भारत में विश्वस्तरीय AI रिसर्च को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देगी।

भारत के AI सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

दुनिया में इस समय AI तकनीक को लेकर तेज प्रतिस्पर्धा चल रही है। अमेरिका, चीन और यूरोप की कंपनियां बड़े फाउंडेशन मॉडल विकसित करने में आगे हैं। जबकि भारत भी इस दिशा में तेजी से निवेश कर रहा है। ऐसे समय में देवेंद्र सिंह चपलोत जैसे अनुभवी AI वैज्ञानिक का Sarvam AI से जुड़ना भारतीय AI इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव से भारत में विकसित होने वाले AI मॉडल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बन सकते हैं।

Tags:    

Similar News