वीकेंड पर दिल्ली में सफर महंगा, जंतर मंतर प्रदर्शन से बढ़े Ola-Uber के रेट

Ola-Uber Fare Hike: जंतर मंतर प्रदर्शन और 18 मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से दिल्ली में Ola, Uber और Rapido के किराए बढ़ गए हैं। जानें किन रूट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ा।

Update:2026-07-25 16:15 IST

Ola Uber Fare Hike Delhi: Weekend Travel Gets Costlier Amid Jantar Mantar Protest

Ola-Uber Fare Hike 2026: विदेशों तक अपनी पैठ बना चुका जंतर मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद भी प्रदर्शन जारी है। वहीं वीकेंड पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। इसी वजह से जंतर मंतर और संसद क्षेत्र के आसपास के 18 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है। मेट्रो सेवा प्रभावित होने के बाद लोगों का रुख ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऑनलाइन कैब सेवाओं की ओर बढ़ा है। जिससे इन प्लेटफॉर्म पर किराए में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

मेट्रो स्टेशन बंद होने से सड़क मार्ग पर बढ़ा दबाव

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर जंतर मंतर और संसद भवन के आसपास स्थित 18 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। राजधानी में रोजाना लाखों लोग मेट्रो से सफर करते हैं और जंतर मंतर तक पहुंचने का सबसे सुविधाजनक साधन भी यही माना जाता है। ऐसे में स्टेशन बंद होने के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका सीधा असर टैक्सी, ऑटो और बाइक टैक्सी की मांग पर पड़ा है।

डायनेमिक प्राइसिंग के कारण बढ़ रहे हैं कैब के किराए

ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऑनलाइन कैब कंपनियां डायनेमिक या सर्ज प्राइसिंग सिस्टम पर काम करती हैं। इसका मतलब यह है कि जब किसी इलाके में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है और उपलब्ध गाड़ियां कम होती हैं। ऐसे में सिस्टम स्वतः किराया बढ़ा देता है। जंतर मंतर के आसपास फिलहाल यही स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शन और मेट्रो बंद होने के कारण हजारों लोग कैब बुक कर रहे हैं, जबकि वाहन सीमित हैं। यही वजह है कि सामान्य दिनों की तुलना में इस समय किराया काफी अधिक दिखाई दे रहा है।

गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम से आने वालों का बड़ा ज्यादा खर्च

ऑनलाइन कैब प्लेटफॉर्म पर दिख रहे किराए के अनुसार गाजियाबाद से जंतर मंतर तक बाइक टैक्सी का किराया करीब 250 से 300 रुपये और इकोनॉमी कैब का किराया 500 से 550 रुपये तक पहुंच गया है। प्रीमियम और एक्सएल कैब का किराया 700 से 1000 रुपये तक देखा जा रहा है। वहीं नोएडा से आने वाले यात्रियों को बाइक टैक्सी के लिए लगभग 200 से 250 रुपये, ऑटो के लिए 300 से 350 रुपये और इकोनॉमी कैब के लिए 450 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। गुरुग्राम से आने वालों की जेब पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।अब बाइक टैक्सी का किराया 350 से बढ़कर सीधा 400 रुपये और कैब का किराया 550 से 900 रुपये तक पहुंच गया है।

वीकेंड के कारण भी बढ़ी मांग

शनिवार और रविवार को दिल्ली में सामान्य दिनों की तुलना में टैक्सी और बाइक टैक्सी की मांग पहले से ही अधिक रहती है। इस बार वीकेंड के साथ जंतर मंतर पर प्रदर्शन और सुरक्षा प्रतिबंध भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है और उपलब्ध वाहनों की कमी के कारण सर्ज प्राइसिंग लगातार लागू हो रही है। यही वजह है कि कई यात्रियों को सामान्य किराए से काफी अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

कम खर्च में यात्रा करने का विकल्प भी मौजूद

यदि जंतर मंतर जाना जरूरी है तो पूरा सफर कैब से करने के बजाय पहले किसी ऐसे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचना बेहतर रहेगा जहां सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। वहां से ऑटो, ई-रिक्शा या छोटी दूरी की कैब लेकर आगे का सफर तय किया जा सकता है। इससे यात्रा का कुल खर्च कुछ हद तक कम हो सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले मेट्रो सेवा की स्थिति और ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी लेना भी जरूरी है।

ट्रैफिक पर भी दिख रहा है प्रदर्शन का असर

जंतर मंतर, संसद मार्ग और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाए जाने के कारण ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं। कई जगह बैरिकेडिंग होने से कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, इंडिया गेट और आसपास के मार्गों पर वाहनों की गति धीमी हो गई है। निजी वाहनों और टैक्सियों की संख्या बढ़ने से सड़क पर दबाव भी बढ़ गया है, जिससे लोगों को अतिरिक्त समय लग रहा है।

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